गया : आए दिन डोभी में बच्चा बदलने और खरीद फरोख्त का मामला सामने आने लगा है। कुकुरमुत्ते की तरह फर्जी नर्सिंग होम खुल गए हैं। शनिवार की शाम निमियांटांड़ के प्रसूति के बच्चे को बदलने का मामला थाना पहुंचा। जिसके बाद प्रशासन ने पहल करते हुए मौके से चिकित्सक सह संचालक सत्यनारायण साव को थाना लाकर पूछताछ कर रही है। प्रसूति ममता देवी ने बताया कि 30 अक्टूबर को प्रसव पीड़ा होने के कारण रात्रि करीब दस बजे वकीलगंज स्थित धनवंतरी नर्सिंग होम में भर्ती हुई। जहां तीन बजे रात्रि में चिकित्सक के द्वारा छोटा ऑपरेशन करने के बाद बच्चा को जन्म दिया। तुरंत चिकित्सक ने अपने स्टाफ के माध्यम से इसके नाड़ी की सफाई करवाई और बीमार बताकर बाराचट्टी अपने कर्मचारी के साथ भेज दिया। मैंने प्रसव के बाद अपने बेटे को देखा।
हुआ था बच्चा, सामने रखा मृत बच्ची का शवबाराचट्टी में पूरे दिन रखने के बाद शाम को ज्यादा बीमार बताते हुए गया शहर के एक चिकित्सक के घर बच्चे को भर्ती किया गया। जिसके पास से चार नवंबर को शहर में ही दूसरे चिकित्सक के घर बच्चे को एडमिट करवाया गया। शनिवार को उक्त चिकित्सक के स्टाफ के द्वारा बच्चे की मौत की खबर दी गई। जिसके बाद प्रसूति अपने परिजन के साथ शहर के उक्त चिकित्सक के घर पहुंची जहां पर मुझे मृत लड़की का शव दिया गया। इस आलोक में पूछे जाने पर बताया कि इस अस्पताल में लड़की ही भर्ती की गई थी।
लड़का होने के खुशी में पांच सौ रुपए लिए थे
प्रसूति महिला ने कहा कि प्रसव के बाद धनवंतरी नर्सिंग होम के संचालक और अन्य स्टाफ ने मुझसे लड़का होने के खुशी में पांच सौ रुपए भी लिए थे। मेरे बच्चे को इसके द्वारा बदल दिया गया है। इस संदर्भ में अपने परिजनों के साथ प्रसूति थाना पहुंची और अपनी आप बीती लिखित आवेदन देते हुए थाना के अधिकारी को बताया। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और चिकित्सक से पूछताछ की जा रही है। प्रथम दृष्टया उक्त नर्सिंग होम अवैध दिखता है।आगे की कार्रवाई की जाएगी।



