मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में 16 नवंबर से शुरू हो रही एमफिल की परीक्षा पर सा’ल्वर गैं’ग की नजर है। इस परीक्षा में पूरे प्रदेश भर के अभ्यर्थी शामिल होंगे। कई अधिकारी से लेकर शिक्षक भी परीक्षा देंगे।
ऐसे में सा’ल्वर गैं’ग परीक्षा में घुसपैठ की तैयारी में है। अभ्यर्थियों से इसके लिए संपर्क किया जा रहा है। एक अभ्यर्थी ने बताया कि सा’ल्वर गैं’ग ने उसकी जगह परीक्षा देने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग की है।
कहा कि उसके बदले वह परीक्षा देगा। इसके लिए उसकी आइडी और फोटो भी मांगी है। अभ्यर्थी वर्तमान में दिल्ली में नौकरी करता था।
उसने बताया कि 2015 बैच में नामांकन के बाद मान्यता नहीं होने के कारण परीक्ष पर रोक लग गई थी। हाईकोर्ट की ओर से परीक्षा का आदेश मिलने के बाद विश्वविद्यालय तैयारी में है। इसी बीच साल्वर गैंग भी परीक्षा में लाखों रुपये उगाही करने की तैयारी कर रखी है।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जरा सी भी लापरवाही से कई अभ्यर्थियों की जगह साल्वर गैंग के सदस्य परीक्षा में शामिल हो जाएंगे। इन्हें रोकने के लिए परीक्षा भवन के बाहर एडमिट कार्ड से चेहरा मिलान करना जरूरी है।
सत्र 2014-15 और 2015-16 में हिंदी, संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, इतिहास, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, भूगोल, वाणिज्य, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, गणित, पुस्तकालय विज्ञान, प्रबंधन, शिक्षा व कंप्यूटर विज्ञान में एमफिल के लिए छात्र-छात्राओं का नामांकन हुआ था।
उस समय दूरस्थ मोड में नामांकन लिया गया था। बाद में कोर्स को रेगुलर मोड में कर दिया गया। बता दें कि नामांकन के समय से ही दूरस्थ शिक्षा निदेशालय का यह कोर्स विवादों में घिरा हुआ रहा है।
