पटना. बिहार में शराबबंदी कानून के तहत भारी संख्या में वीआईपी लोगों की भी गिरफ्तारी की गई है. डॉक्टर, इंजीनियर से लेकर जनप्रतिनिधि तक गिरफ्तार किए जा रहे हैं. सरकारी कर्मी और जनप्रतिनिधियों को भी शराब पीने के जुर्म में पकड़ा गया है. 12 नवंबर तक कुल 456 वीआइपी कहे जानेवाले लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. इनमें उत्पाद विभाग के ने 48 सरकारी कर्मी, 33 जनप्रतिनिधि, 18 डॉक्टर तथा आठ अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है. शेष को बिहार पुलिस ने अरेस्ट किया है.
बिहार में शराबबंदी कानून के तहत आम से लेकर खास वर्ग तक के लोगों पर कड़ी कार्रवाई हुई है. यह दावा किया है बिहार के मद्य निषेध विभाग के आयुक्त कार्तिकेय धनजी ने. कार्तिकेय धनजी की मानें तो इस साल शराब पीते हुए 450 से अधिक वीआइपी पकड़े गए हैं. इनमें सबसे अधिक सरकारी कर्मी और जनप्रतिनिधियों को शराब पीने के अपराध में पकड़ा गया हैं.मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के आयुक्त बी कार्तिकेय धनजी के अनुसार 12 नवंबर तक कुल 456 वीआइपी की गिरफ्तारी की गई है. इनमें उत्पाद विभाग के द्वारा 48 सरकारी कर्मी, 33 जनप्रतिनिधि, 18 डॉक्टर तथा आठ अधिवक्ता शामिल हैं. इस दौरान पुलिस ने भी 19 सरकारी कर्मी, 16 जनप्रतिनिधि, तीन डॉक्टर व दो अधिवक्ताओं को शराब पीने के जुर्म में पकड़ा है.
मद्य निषेध विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अप्रैल में शराबबंदी कानून में हुए संशोधन के बाद अब तक 754 अभियुक्तों को दोबारा शराब पीते हुए पकड़ा गया है. इनमें उत्पाद विभाग 349 जबकि पुलिस विभाग ने 405 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. इनमें से करीब 100 अभियुक्तों को एक साल की सजा भी सुना दी गई है, जबकि बाकी का ट्रायल चल रहा है.शराबबंदी को लेकर बढ़ी सख्ती के बाद हर दिन गिरफ्तार होने वालों की संख्या में भी इजाफा लागातार हो रहा है. उत्पाद विभाग के द्वारा जनवरी में जहां औसत प्रतिदिन गिरफ्तारी 40 थी, वहीं, बढ़कर यह नवंबर में 751 गिरफ्तारी प्रतिदिन हो गई है. पुलिस और उत्पाद दोनों के आंकड़े मिला लें तो प्रतिदिन औसत 1400 से अधिक अभियुक्त शराब पीने के जुर्म में पकड़े जा रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने शराबबंदी कानून के आदि समीक्षा में थे और इसका असर भी मद्य निषेध विभाग और पुलिस विभाग के एक्शन में दिख रहा है. उत्पाद आयुक्त ने बताया कि सिर्फ नवंबर में 12 नवंबर तक शराब मामले में 50 हजार ठिकानों पर छापेमारी की गई है. इस दौरान 8298 अभियोग दर्ज करते हुए 16 हजार 825 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस दौरान ऑपेरशन में एक लाख लीटर से अधिक शराब भी जब्त की गई.इसके पहले अक्टूबर माह में एक लाख से अधिक छापेमारी कर 38 हजार अभियुक्तों को पुलिस और उत्पाद विभाग ने गिरफ्तार किया था. इस दौरान तीन लाख 20 हजार लीटर से अधिक शराब पकड़ी गई जबकि 1500 से अधिक वाहनों को जब्त किया गया. उत्पाद आयुक्त ने कहा क को मद्य निषेध विभाग पुलिस विभाग से मिलकर शराब की सप्लाई वाले चीन को तोड़ने के लिए लगातार एक्शन ले रहा है और भविष्य में इसके और भी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.

