पटना। भवन निर्माण राजेन्द्र नगर अवर प्रमंडल पटना के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर (SDO) बृजा सिंह को विशेष न्यायाधीश नि’गरानी ने भ्र’ष्टाचार के आ’रोप में दो’षी पाया है। सजा की सुनवाई 21 नवंबर को होगी। उनपर बकाए बिल के भुगतान के बदले में कुल भुगतान के 25 प्रतिशत की रिश्वत मांगने का दो’ष सि’द्ध हुआ है।

विदित हो कि नि’गरानी विभाग बिहार में भ्र’ष्टाचार के खि’लाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इससे भ्र’ष्ट अधिकारियों में ह’ड़कंप म’चा हुआ है। बृजा सिंह के खि’लाफ की गई कार्रवाई इसी की एक कड़ी थी। गुरुवार को भी सीतामढ़ी के ड्रग इंस्पेक्टर के खि’लाफ कार्रवाई की गई।
निगरानी (ट्रैक मामले) के विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने बताया कि पटना निगरानी के विशेष न्यायाधीश मनीष द्विवेदी ने बृजा सिंह पर लगे आ’रोपों को सही पाकर उन्हें भ्र’ष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अंतर्गत दो’षी पाया है। न्यायाधीश ने उनका बंध पत्र खंडित करते हुए न्यायिक हि’रासत में लेकर जे’ल भेजने का आदेश दिया। आ’गे स’जा के बिंदु पर सुनवाई 21 नवंबर को होगी।
विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने बताया कि भवन निर्माण के ठेकेदार राजेश कुमार ने विभाग के तीन जगहों पर काम कराए थे। कार्य पूरा होने पर उनका 4:76 लाख का बिल बकाया था।
जब राजेश ने भवन निर्माण विभाग के राजेन्द्र नगर अवर प्रमंडल (पटना) के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर बृजा सिंह से बिल भुगतान के लिए कहा, तब उनसे कुल राशि का 25 प्रतिशत (25,000 रुपये) रिश्वत के रूप में मांगे गए।
ठे’केदार ने रि’श्वत मांगे जाने की शिकायत नि’गरानी विभाग में बीते दो फरवरी को की। नि’गरानी विभाग ने इसका सत्यापन करने के बाद कार्रवाई की। इस मु’कदमे में बृजा सिंह को दो’षी पाया गया है।


