मुजफ्फरपुर। शहर की सड़कों से अ’तिक्रमण नहीं हटाने और लगातार जाम लगने को लेकर पटना हा’ईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। चंद्रकिशोर पाराशर की याचिका के बाद अब सहायक महाधिवक्ता ने नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर प्रधान सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, डीएम और एसएसपी से एसओएफ (स्टेटमेंट आफ फैक्ट) देने का आग्रह किया है, ताकि इस मामले में प्रति शपथपत्र तैयार किया जा सके।
चंद्र किशोर पाराशर ने दायर याचिका में कहा कि मुजफ्फरपुर शहर की सड़कों को अ’तिक्रमण कर लिया गया है। इसमें स्थायी दुकान, गुमटी और ठेला शामिल है। इस कारण सड़कों पर नियमित रूप से जाम लगता है। आम नागरिकों की इस कारण ट्रेन, बस आदि छूट जाती हैं।
कर्मी देर से कार्यालय पहुंचते हैं। सड़कों से अतिक्रमण हटाने या बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर जिले के पदाधिकारी गंभीर नहीं हैं। जिला प्रशासन की ओर से प्रशिक्षित जवानों या पदाधिकारियों की भी तैनाती नहीं होती, ताकि ट्रैफिक को कंट्रोल किया जा सके। इसे देखते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
शहर की अधिकतर सड़कें अतिक्रमण की चपेट में हैं। मोतीझील से लेकर कल्याणी हरिसभा चौक तक तो दुकानदारों ने सड़कों पर एक तरह से कब्जा कर लिया है। सरकारी नाली को दुकान के डिस्प्ले के रूप में उपयोग करते।
इसके बाद की जगह ठेला, गुमटी और दो पहिया वाहन से भरी रहती। आधी से भी कम चौड़ाई की जगह बचने के कारण इस क्षेत्र में रोज जाम लगता है। कमोबेश यही स्थिति जीरो माइल, अघोरिया बाजार चौक, कंपनीबाग, जूरन छपरा, इमलीचट्टी क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण जाम लगा रहता है।
शहर से पटना आने और जाने को लेकर अघोरिया बाजार चौक पर अधिक ट्रैफिक का दबाव रहता है। यहां भी अतिक्रमण और अप्रशिक्षित जवानों की तैनाती के कारण जाम लगा रहता। जीरो माइल का अधिकांश हिस्सा अतिक्रमण ही चपेट में है।


