पटना : बिहार में शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे युवाओं का सब्र अब जवाब देने लगा है। राज्य में महागठबंधन की नई सरकार बनने के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों को यह उम्मीद थी कि सातवें चरण की शिक्षक बहाली जल्दी शुरू हो जाएगी। हालांकि अब तक ऐसा नहीं हो सका है। इससे नाराज अभ्यर्थियों ने गुरुवार को अनोखा तरीका अपनाकर अपना विरोध जताया था।
सातवें चरण के नियोजन को लेकर शिक्षक अभ्यर्थियों ने गुरुवार से आंदोलन तेज कर दिया है। विरोधस्वरूप शिक्षक अभ्यर्थियों ने गुरुवार को ब्रह्मभोज का आयोजन किया किया।
इस कार्यक्रम में राज्य के कोने-कोने से आए अभ्यर्थियों ने भाग लिया। अभ्यर्थी पिछले चार नवंबर से पटना में धरना पर बैठे हुए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में देरी को लेकर उनकी नाराजगी बढ़ती ही जा रही है।
धरनास्थल पर बैठे अभ्यर्थियों के बीच पहुंचे पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ ने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की मांगों पर ध्यान देकर जल्द से जल्द उसका समाधान निकालना चाहिए।
शिक्षक अभ्यर्थियों का कहना है कि विपक्ष में रहते हुए तेजस्वी यादव उनसे मिलने धरनास्थल पर आते थे और बड़े दावे करते थे। अब सरकार में उप मुख्यमंत्री बनने के बाद वैसी तत्परता नहीं दिखा रहे हैं।



