पटना : उद्योग विभाग ने 31 स्टार्टअप को हाल ही में सहायता प्रदान की है, उनमें हेल्थकेयर प्लेटफार्म पर ऐसे कई इनोवेटिव स्टार्टअप भी शामिल हैं। बाइक डाक्टर एवं डिजिटल फार्मेसी एप के साथ-साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा के स्टार्टअप को भी सरकार ने इस योजना के तहत राशि उपलब्ध करायी है।
इसका मकसद दुर्गम इलाके में रहने वाले लोगों को उनके घर तक बाइक से डॉक्टर पहुंचाया जाए। इसके साथ आपदा के समय टेलीमेडिसीन की सुविधा हर क्षेत्र में उपलब्ध करायी जाएगी।

रोहतास के नासरीगंज के एक फर्म स्टार्ट-अप एप के माध्यम से डिजिटल प्राइमरी हेल्थकेयर प्लेटफार्म उपलब्ध कराना चाहता है। इस प्लेटफार्म पर प्रोफेशनल स्पेशलिस्ट डाक्टर, उच्च स्तरीय डायग्नोस्टिक, एक क्लिक पर दवा तथा टेली-कंसलटेशन की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी।
एप पर जाकर कोई भी व्यक्ति चिकित्सकों की बुकिंग करा सकता है। कंसलटेशन के बाद संबंधित मरीज को फोन पर उसे दवा और जांच आदि के बारे में बताया जाएगा।
इस एप पर किसी भी शहर के विशेषज्ञ चिकित्सक और 24 घंटे एंबुलेंस की सेवा उपलब्ध होगी। पटना का एक स्टार्ट-अप किडनी की बीमारी के इलाज को ले इकोसिस्टम तैयार करने से संबंधित है।
किडनी की बीमारी से परेशान मरीजों को इस प्लेटफार्म पर मदद उपलब्ध करायी जाएगी। उनके आंकड़े वायरलेस प्रोटोकाल के माध्यम से संग्रह किए जाएंगे। इस डाटा को विशेषज्ञ के पास भेजा जाएगा।
डायलिसिस मे भी उनकी मदद की जाएगी। उद्योग विभाग ने आयुर्वेद से जुड़े एक स्टार्ट-अप को अपनी स्वीकृति देकर सहायता उपलब्ध करायी है।
इसके तहत आयुर्वेद तथा फूड रिसर्च के माध्यम से साइंटिफक साल्यूशन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस तरह के स्टार्ट-अप में आए फर्म का कहना है कि उनके द्वारा हर्बल और प्रसंस्करण के बाद खाद्य उत्पाद वहन करने योग्य कीमत पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उनके द्वारा किसी भी समस्या की जड़ की वजह को तलाशा जाएगा।

