बिहार: नौकरी के नाम पर युवकों को अगवा कर उनके परिवार से फिरौती मांगने के मामले में पंजाब पुलिस ने बिहार के सिवान में कार्रवाई कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस दौरान उसके अन्य साथी फरार हो गए। पंजाब पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के चंगुल से लुधियाना के समराला व दिल्ली के दो लोगों को छुड़वाया। समराला के डीएसपी वरियाम सिंह ने बताया कि गांव बगली कला निवासी हरजीत सिंह व दिल्ली में रहते उसके दोस्त रिंकू को नौकरी का लालच देकर बिहार में बुलाकर 15 नवंबर को अगवा कर लिया गया था।
हरजीत की पत्नी ने मामले में पुलिस को शिकायत दी थी। अपहरणकर्ताओं ने दोनों को छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये फिरौती मांगी थी। शिकायत मिलने पर पंजाब पुलिस की टीम ने मोबाइल के लोकेशन की मदद से पीडि़त की पत्नी को साथ में लेकर बिहार के सिवान गई। वहां जाकर अगवा किए हुए दोनों व्यक्तियों को रिहा करवाया। पुलिस ने इस दौरान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला के गांव निगभट्टी के मनियाश शाह को मौके पर ही गिरफ्तार किया। उससे 50 हजार रुपये की फिरौती की राशि भी बरामद की गई।
आरोपित पर पहले भी तीन केस दर्ज
पुलिस ने आरोपित को बिहार से लाकर समराला की कोर्ट में पेश कर पांच दिन का रिमांड हासिल किया है। डीएसपी ने बताया की पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार किए गए आरोपित के साथ दो और लोग थे। वे आते थे और पीडि़तों से मारपीट कर चले जाते थे। उन्होंने आरोपितों के घर पर भी रेड की थी लेकिन वो पुलिस की गिरफ्त में नही आ सके। आरोपित पर पहले भी तीन केस दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपितों का काम व्यक्तियों को अगवा कर फिरौती मांगना है।
पीडि़त की जुबानी, अपहरण की कहानी..पहले बिरयानी खिलाई, बाद में की पिटाई
हरजीत सिंह ने बताया कि उसे राहुल नाम से किसी का फोन आया। उसने बताया कि बिहार के सिवान में फोरमैन का काम है तो उसने हां कर दी। 14 नवंबर को वह और उसका एक दोस्त निरंकार शर्मा उर्फ ¨रकू दिल्ली से सिवान गए। वहां पहुंचने पर आरोपित अपने मोटरसाइकिल पर सिवान से कुछ किलोमीटर दूर टमकौदी के पास ले गए। वहां जाकर एक कमरे में पहले बिरयानी खिलाई। बाद में पीटना शुरू कर दिया और जेब से सारे पैसे और एटीएम कार्ड निकाल लिए। इसके बाद छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये की फिरौती मांगने लगे। हरजीत सिंह ने बताया कि हमें मारने-पीटने वाले चार आरोपित थे। जिस कमरे में हमको रखा गया था, उसके पास एक नदी थी। डर था कहीं मारकर नदी में न फेंक दें। उनके तथा दोस्त के घर वालों ने कुछ पैसे आरोपितों के खाते में डाले भी थे। हरजीत पहले विदेश और अन्य राज्य में भी फोरमैन का काम कर चुका है।





