छपरा. सारण जिले के इशुआपुर और मशरख क्षेत्र के बाद अब कई अन्य क्षेत्रों में जहरीली शराब से मौत के मामले सामने आने लगे हैं. मढौरा में जहरीली शराब पीने के 15 और नए मामले सामने आए हैं. इनमें से 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 12 से अधिक लोग बीमार हैं. इनमें से चार को छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बात 2 दिनों में हुई कुल मौतों की करें तो अब तक 30 लोगों से अधिक की मौत शराब पीने से हो चुकी है जिससे जिले में कोहराम मचा हुआ है.

मढौरा रेफरल अस्पताल में अब तक 12 लोग इलाज के लिए पहुंचे. अधिकांश लोगों को आंख से कम दिखने और सीने में दर्द की शिकायत की थी. डॉक्टरों ने सभी की प्राथमिक जांच कर बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर किया जहां सभी का इलाज जारी है. मरीजों ने बताया कि उन्होंने एक विवाह समारोह में शराब पी थी जिसके बाद एक-एक कर सब की तबीयत बिगड़ने लगी.

मढौरा के लालापुर निवासी सुरेंद्र महतो और धुरेन्द्र महतो की तबीयत बिगड़ गई और सीने में दर्द और आंख की रोशनी जाने की शिकायत के बाद परिजन मढौरा रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए छपरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया. बुधवार की रात ही मढौरा के खरौनी निवासी बिक्रम राज की मौत हो गई थी. एक परिवार से 3 लोगों की मौत हो चुकी है.
बिहार में जिन महिलाओं के लिए शराबबंदी की गई थी उन महिलाओं के आंखों में आंसू नजर आ रहे हैं. छपरा के मढ़ौरा की रहने वाली बबीता देवी के परिवार के तीन सदस्यों की शराब के कारण मौत हो गईं है. बबीता देवी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. अपने पति के शव के पास विलाप कर रही कविता देवी का कहना है कि सरकार शराबबंदी के नाम पर सिर्फ नाटक कर रही है।





