बिहार में लगातार जहरीली शराब से लोगों की मौत हो रही है. सारण के बाद अब सीवान में भी कई लोगों की जान जहरीली शराब पीने से चली गई है वहीं कई लोग बीमार हैं. इस घटना के बाद सत्ता पक्ष से विपक्ष कई सवाल पूछ रहा है. विपक्ष का साफ तौर पर कहना है कि ऐसा कानून बनाए ही क्यों जिसे सही तरीके से लागू नहीं कराया जा रहा है और लोगों की जान जा रही है. लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान भी घटना के बाद शुक्रवार को पटना पहुंचे.

पटना पहुंचते ही चिराग पासवान बिहार सरकार पर हमलावर नजर आए. उन्होंने कहा कि यह मौत नहीं हत्या है. बिहार के लोगों की जहर देकर हत्या की जा रही है. जहरीली शराब से लगातार हो रही हत्याओं का दोषी कोई और नही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं. मुख्यमंत्री की गलत नीतियों के कारण बिहार के लोग बर्बाद हो रहे हैं लोगों की जान जा रही है लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही हैं. चिराग ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं ‘ पियोगे तो मरोगे’ यह कैसी भाषा बोल रहे हैं. मुख्यमंत्री को कहना चाहिए कि जो शराब का कारोबार कर रहे हैं उन पर कार्रवाई करेंगे. शराब अगर मिलेगा नहीं तो लोग पीएंगे कैसे.

चिराग ने कहा कि राज्य सरकार की मिलीभगत से ही शराब का कारोबार शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद चल रहा है. बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पता है कि शराब कहां बन रही है लेकिन बिहार सरकार के पुलिस प्रशासन को जानकारी ही नहीं मिलती कि कहां-कहां शराब मिल रही है और यही वजह है कि कानून तो बना लेकिन वह धरातल पर नहीं उतरा और लोगों की जान ले रहा है. चिराग पासवान ने कहा कि जब मैं विपक्ष में था 2016 में तब भी मुख्यमंत्री के शराबबंदी कानून के पक्ष में था. मैं आज भी उस कानून के पक्ष में हूं लेकिन मैं विरोध सिर्फ इस बात का कर रहा हूं कि मुख्यमंत्री ने कानून तो बनाया लेकिन उसे धरातल पर सही तरीके से नहीं उतारा.
चिराग पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री को अब नैतिकता का आधार पर बिहार को छोड़ देना चाहिए उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उनकी गलत नीतियों के कारण बिहार के लोगों को परेशानी हो रही है. जिन लोगों की मौत हुई है जहरीली शराब से उनके परिजनों को 25-25 लाख और परिवार में एक सरकारी नौकरी बिहार सरकार को देनी चाहिए.





