मुजफ्फरपुर : नगर निगम चुनाव में यूजर चार्ज एवं ट्रेड लाइसेंस सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बन गया है। पानी एवं सफाई के नाम पर नगर निगम शहरवासियों से यूजर चार्ज की वसूली कर रहा है।
इसे प्रापर्टी टैक्स के साथ ही लिया जा रहा है। इसको लेकर शहरवासियों में नाराजगी है। वहीं ट्रेड लाइसेंस को लेकर शहर के व्यवसायी परेशान हैं। उनसे पिछले सात से आठ सालों का ट्रेड लाइसेंस शुल्क वसूल किया जा रहा है।
व्यवसायी लगातार इसका विरोध कर रहे हैं। वे ट्रेड लाइसेंस शुल्क का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि आठ साल पीछे से वसूली का विरोध कर रहे हैं। इसको लेकर वे नगर निगम प्रशासन से नाराज हैं।
शहरवासियों ने इसे नगर निगम चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया है। वोट मांगने आने वाले हर उम्मीदवार के सामने शहरवासी यूजर चार्ज एवं ट्रेड लाइसेंस को लेकर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
इससे मुक्ति कैसे मिलेगी, इसका जवाब मांग रहे हैं। जनता की मंशा भांपकर उम्मीदवारों ने इसे अपने अपने वादों की लिस्ट में सबसे ऊपर रखा है। कुर्सी मिलते ही इससे मुक्ति दिलाने का वादा कर रहे हैं।
शहर में 60 हजार से अधिक मकान हैं। नगर निगम प्रति मकान 480 रुपये से 12 हजार रुपये तक सालाना पानी यूजर चार्ज की वसूली कर रहा है। जिन घरों में नगर निगम का पानी कनेक्शन नहीं है उससे भी पानी का यूजर चार्ज वसूला जा रहा है। लोगों के विरोध के बाद भी नगर निगम इसकी वसूली कर रहा है।
बिना सुविधा दिए निगम द्वारा की जा रही इस वसूली का लोग विरोध कर रहे हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि वसूली का आदेश सरकार द्वारा दिया गया है, इसलिए वह छूट नहीं दे सकता।
नगर निगम शहर में रहने वाले हर परिवार से सफाई के नाम पर सालाना 360 रुपये यूजर चार्ज की वसूली कर रहा है। निगम को इसके बदले डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करना है, लेकिन वर्तमान में दो-चार मुहल्लों को छोड़ कहीं भी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है। सफाई के बदले यूजर चार्ज की वसूली भी निगम द्वारा प्रापर्टी टैक्स के साथ की जा रही है। इससे भी शहरवासी नाराज हैं।
बीबी गंज निवासी संजय कुमार सिंह, सिकंदरपुर निवासी आरती देवी, रामबाग निवासी सुमन श्रीवास्तव का कहना है कि वे निगम को यूजर चार्ज देने के लिए तैयार हैं, लेकिन बदले में निगम उन्हें सुविधा तो दे। निगम जबरन लोगों से बिना कोई सुविधा दिए ही यूजर चार्ज सफाई के नाम पर हर परिवार से वसूली कर रहा है।

