मुजफ्फरपुर : बीआरए बिहार विवि में संबद्धता खत्म होने के बाद भी एक कॉलेज से 12 वर्ष तक छात्रों ने परीक्षा दी और उसका रिजल्ट भी जारी किया गया। बीआरएबीयू के ऑडिट में यह चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यह कॉलेज पश्चिम चंपारण जिले का है। कॉलेज की संबद्धता वर्ष 2007 में खत्म हो गई थी। इसके बावजूद कॉलेज ने वर्ष 2019 तक छात्रों का दाखिला लिया और परीक्षा भी दिलवाई।
ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉलेज के संबद्धन के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने खारिज कर दिया था। इसके बाद भी विवि ने कॉलेज के छात्रों की परीक्षा ली।
इसके अलावा कई ऐसे कॉलेजों को संबद्धता दी गई जिनमें न तो शिक्षक थे और न प्राचार्य। विवि की कमेटियों से इसे पास कर दिया गया। बीआरएबीयू में वर्ष 2015 से मार्च 2022 तक के कामकाज की ऑडिट की गई है। ऑडिट की रिपोर्ट महालेखाकार को सौंप दी गई है।
इन सात वर्ष तक लगातार कॉलेजों को संबद्धता देने में गड़बड़ी मिली है। ऑडिट टीम ने पश्चिम चंपारण के जिस कॉलेज की रिपोर्ट दी है उसे हर साल अनुदान भी दिया गया है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि संबद्धता खत्म होने के बाद भी कॉलेज को अनुदान जाता रहा। यह एक बड़ी वित्तीय गड़बड़ी है।




