मुजफ्फरपुर : पुलिस मुख्यालय से अ’पराध पर नि’यंत्रण के लिए जिलों को 52 बिंदुओं पर टा’स्क दिया गया है। आईजी से लेकर एसएसपी और डीएसपी तक को इसमें अलग-अलग जि’म्मेवारी दी गई है।
किस इलाके में कैसा अ’पराध अधिक होता है, इसका पॉकेट एरिया चिह्नित कर अपराधियों पर लगाम लगाने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए अधिकारियों को प्लान बनाकर मुख्यालय को भी भेजना है।
इसमें सक्रिय अपराधियों की सूची भी देनी है। अब थाने में वारंट दबाकर पुलिस अधिकारी बैठे नहीं रह सकते। वारंट पाने वाले थाने के प्रत्येक अधिकारी को इसकी जि’म्मेवारी होगी कि वह फरार आ’रोपी को गि’रफ्तार करे।
इसकी हर सप्ताह वरीय अधिकारी समीक्षा करेंगे। थाने में कितने वारंटी गिरफ्तार किये गये, इसका हर दिन हिसाब देना है। थाना के प्रत्येक पुलिस अधिकारी को अपने काम का हिसाब हर माह देना होगा।
लंबित कां’डों के निष्पादन के लिए भी टास्क सौंपा गया है। आईजी हर माह पुराने कांडों के निष्पादन की थानावार रिपोर्ट लेंगे। अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर विभागीय कार्यवाही लंबे समय तक लटकाए नहीं रखना है।
इसे त्वरित निष्पादित करने के लिए कहा गया है। बीते दिनों डीजीपी आरएस भट्टी ने वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए पुलिस अधिकारियों कई निर्देश दिए थे।



