मुजफ्फरपुर । बीआरए बिहार विवि में सोमवार को हुई सिंडिकेट की बैठक हंगामेदार रही। एक वर्ष तक सिंडिकेट की बैठक नहीं होने पर सदस्यों ने वि’रोध जताया। सदस्यों के वि’रोध जताने पर कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद पांडेय ने बैठक नहीं होने पर खे’द जताया।

बैठक में वित्त समिति से संबद्ध कॉलेजों के ऑटोमेशन के लिए चार करोड़ 39 लाख के भुगतान पर सदस्यों ने आपत्ति जताई। इस मुद्दे पर भी काफी हंगामा हुआ। इस दौरान सदस्य डॉ. हरेंद्र कुमार ने नोट ऑफ डिसेंट लिखकर दिया। इसका मतलब था कि सदस्य ने इस प्रस्ताव को पास नहीं किया है।
सदस्यों का कहना था कि जब संबद्ध कॉलेजों को खुद से ऑटोमेशन करना था तो विवि ने एजेंसी को भुगतान क्यों किया। इसपर विवि की तरफ से कहा गया कि पहले ही भुगतान कर दिया गया है इसलिए इसे पास कर दिया जाए। लेकिन, सदस्यों ने इसे खारिज कर दिया।
बैठक में दस एजेंडे को पास किया गया। विवि के बजट और एफिलिएशन कमेटी से पास प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी गई। इससे पहले बैठक शुरू होते ही सदस्य डॉ. कुमार ने बीते जनवरी के बाद सीधे दिसंबर में बैठक बुलाये जाने पर आपत्ति जताई।
सभी ने कहा कि अगर से सिफारिश कर इसे खत्म करवा रही। इसके बाद वीसी की ओर से इसके बाद सदस्यों धनंजय सिंह, कुलपति को लगता है कि सिंडिकेट दिया जाए। सदस्यों के विरोध के खेद जताने पर सदस्य माने और शारदा सिन्हा, रेवती रमण भी विरोध की कोई जरूरत नहीं तो कुलाधिपति कारण आधे घंटे तक बैठक रुकी बैठक शुरू हो सकी।




