सीवान में डबल रेट पर बेचा जा रहा यूरिया, परेशान किसान यूपी से लाने को मजबूर

सीवान: बिहार के सीवान में यूरिया की किल्लत को लेकर मारामारी जारी है. इसके बावजूद किसानों को यूरिया नहीं मिल पा रहा है. यूरिया की तलाश में किसान बिस्कोमान के गोदामों का चक्कर लगाकर थक गए है. अंततः उन्हें उत्तर प्रदेश से जाकर मनमाने दामों पर यूरिया लाकर अपनी खेतों में डालने को मजबूर होना पड़ रहा है.

सीवान में यूरिया की कालाबाजारी को रोकने के लिए टीम कर दी गई है गठितएक तरफ किसानों को यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो वहीं दूसरी ओर यूरिया की कालाबाजारी का मामला अपने चरम पर है. सीवान में यूरिया के नाम पर दुकानदार जमकर कालाबाजारी कर किसानों को चूना लगा रहे हैं. इसी मामले पर जिला प्रशासन भी अब कड़ा रुख अख्तियार कर छापेमारी करना शुरू कर दिया है.जिससे कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों में दहशत का माहौल कायम हो गया है.

कालाबाजारी मामले में दो पर हुई कार्रवाई

सीवान जिले के दरौंदा प्रखंड में यूरिया की कालाबाजारी की शिकायत पर अधिकारियों की टीम ने दर्जनों उर्वरक दुकानों की जांच की. जांच के दौरान दो उर्वरक दुकानों पर गड़बड़ी पाई गई. इस दौरान दो दुकानों पर गड़बड़ी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने की अनुशंसा अधिकारियों ने की. जिसके बाद से दरौंदा सहित सीवान जिले के उर्वरक दुकानदारों में हड़कंप मच गया है. यूरिया की कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी विक्रम मांझी के नेतृत्व में टीम गठित की गई है.


किसानों को दोगुने दाम पर मिल रहा है यूरिया

सीवान जिले के दरौंदा सहित लगभग सभी प्रखंडों में यूरिया की कालाबाजारी चरम पर है. सरकारी रेट को दरकिनार कर मनमाने तरीके से यूरिया बेची जा रही है. वहीं दरौंदा में 268.50 रुपये की यूरिया 350 से लेकर 540 रुपये में बेची जा रही थी. जिसकी शिकायत किसानों ने की थी. हालांकि दरौंदा ही नहीं जिले के अन्य प्रखंडों में भी यही दुर्दशा है. जहां मनमाने दर पर किसानों को यूरिया दिया जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं.

कालाबाजारी पर नकेल कसने के लिए की जा रही है कार्रवाई

इस संबंध में कृषि पदाधिकारी विक्रम मांझी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी मूल्य पर यूरिया का वितरण न करते हुए मंहगे दामों पर वितरण किया जा रहा है. जिस पर जांच के दौरान दो दुकानों पर गड़बड़ी पाई गई. जिस पर कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गई है. उन्होंने आगे बताया कि किसान बार-बार आरोप लगा रहे थे कि 268.50 रुपये की यूरिया 350, 450 एवं 540 रुपये में बेची जा रही है. मामले को संज्ञान में लिया गया है जांच चल रही है. यूरिया की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. लगातार इसके लिए मॉनिटरिंग से लेकर कार्रवाई की जा रही है.

 

 

 

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