गया : ‘सेव ट्री, सेव वाटर एंड रिस्पेक्ट इंडियन फ्लैग’ का संदेश लेकर आंध्र प्रदेश का एक युवक रामू भारत भ्रमण पर निकले हैं. यात्रा के दौरान रामू ने गया के बोधगया में पहुंचकर यही मेसेज दिया. उन्होंने कहा कि पेड़ न काटें और पानी का सदुपयोग करें, अन्यथा आनेवाले वक्त में पानी की समस्या झेलनी पड़ सकती है.
बता दें कि 3 महीना पहले आंध्र प्रदेश से रामू ने अपनी यात्रा साइकिल से शुरू की थी. अभी तक 15000 किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए वे भारत के 14 राज्यों की यात्रा कर चुके हैं. बिहार के बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल होते हुए नॉर्थ ईस्ट जाने की तैयारी है. बोधगया पहुंचने के बाद इन्होंने महाबोधि मंदिर में दर्शन किए, उसके बाद लोगों को अपना मेसेज देते हुए आगे के सफर के लिए निकल पड़े.
14 स्टेट और 15000 किमी का सफर
रामू ने बताया ‘सेव ट्री, सेव वाटर एंड रिस्पेक्ट इंडियन फ्लैग’ का संदेश लेकर वे भारत भ्रमण पर निकले हैं. रोजाना 12 घंटे का साइकिलिंग करते हुए 200 किलोमीटर की यात्रा करते हैं. रात्रि में ढाबा या गेस्ट हाउस में विश्राम करते हैं. उन्होंने कहा कि अभी तक 15000 किलोमीटर का रास्ता तय कर लिया हूं, जिसमें 14 स्टेट्स शामिल हैं. आनेवाले दिनों में पश्चिम बंगाल, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों की यात्रा पर निकलेंगे. उन्होंने बताया कि 4 साल तक पॉकेट मनी जमा की, जिससे डेढ़ लाख रुपए जमा हुए. अब उसी पैसे से अपनी यात्रा पर निकला हूं. इसमें घरवाले और आमलोगों का भी सपोर्ट मिल रहा है.
जलवायु परिवर्तन पर कंट्रोल नहीं किया तो…
गौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन विश्व की सबसे बड़ी समस्या है और इसके समाधान के लिए बड़े-बड़े देश इसका उपाय ढूंढ़ रहे हैं. अगर जल्द ही जलवायु परिवर्तन को कंट्रोल नहीं किया गया तो आनेवाले कुछ सालों में पृथ्वी तहस-नहस हो जाएगी. उन्होंने कहा कि बड़ी स्पीड से ग्लेशियर पिघल रहा है. एक सर्वे के अनुसार भारत के समुद्री तट पर बसे-बड़े शहर 2050 तक समुद्र में डूब जाएंगे. जलवायु परिवर्तन की रोकथाम को लेकर कई सरकारी और गैर सरकारी संगठन भी काम कर रहे हैं. लोगों को इसके बचाव तथा नियंत्रण के उपाय बता रहे हैं. रामू के अलावा और भी कई युवा इसी संदेश के साथ भारत भ्रमण पर निकले हुए हैं और लोगों को मेसेज दे रहे हैं.




