मुजफ्फरपुर : बालिका गृह कांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे तत्कालीन जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (सीपीओ) रवि रौशन की फरार पत्नी शिवा रौशन ने बुधवार को पॉक्सो कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शिवा रौशन पर आरोप है कि उसने बालिका गृह कांड की पीड़िताओं के नाम व पहचान सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दी थी।
वह मूल रूप से मोतिहारी के फेनहरा की मूल निवासी है और मुजफ्फरपुर के सदर थाना के खबड़ा मोहल्ला में रहती थी। सोशल साइट पर डाले गए शिवा के एक पोस्ट पर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया था। इसके बाद महिला थाने की तत्कालीनं एसआई कलावती कमारी के प्रतिवेदन के आधार पर 10 अगस्त 2018 को महिला थाने में उसके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कर गई थी।
उसकी गिरफ्तारी के लिए खबड़ा से लेकर मोतिहारी के फेनहरा तक छापेमारी की गई, लेकिन पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी। तब उसके मकान की कुर्की जब्ती की गई। इस बीच उसने पॉक्सो कोर्ट में 30 अगस्त 2018 को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी 13 सितंबर 2018 को खारिज कर दी थी।
उसके घर की कुर्की जब्ती के बाद महिला थाने की तत्कालीन थानेदार ज्योति कुमारी ने शिवा रौशन को फरार बताकर न्यायालय में 12 फरवरी 2019 को चार्जशीट दाखिल की थी। न्यायालय में बीते चार साल से शिवा रौशन की पेशी के इंतजार में तारीख गुजर रही थी। मालूम हो कि तत्कालीन सीपीओ रवि रौशन तिहाड़ जेल में बंद है।




