पटना : बिहार के 2459 मदरसों की जांच कराई जाएगी. फर्जी कागजात के आधार पर अनुदान लेने के मामले में पिछले दिनों पटना हाईकोर्ट ने अहम सुनवाई की थी और ये निर्देश दिए थे.
अब वर्ष 1980 से अनुदान ले रहे मदरसों की जांच होगी. तबतक 609 मदरसों के अनुदान को रोक लगाई गई है. वहीं इसे लेकर बिहार में सियासत गरमाई हुई है.
भाजपा ने सरकार पर हमला बोला है जबकि सीएम नीतीश कुमार की इसपर प्रतिक्रिया आई है. बिहार के करीब ढाई हजार मदरसे जांच की जद में हैं. 29 नवंबर 1980 के बाद राज्य सरकार से अनुदान पाने वाले इन मदरसों की जांच के आदेश पटना हाईकोर्ट ने जारी किए हैं. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को ये आदेश दिया गया है. अदालत ने सभी जिलों के डीएम के साथ तुरंत बैठक करने के लिए कहा है.
वहीं जाली कागजातों के साथ मदरसों को दी गयी मान्यता मामले में दर्ज प्राथमिकी को लेकर डीजीपी को कहा गया है कि वो जांच की पूरी जानकारी कोर्ट को दें.
बिहार के करीब ढाई हजार मदरसे जांच की जद में हैं. 29 नवंबर 1980 के बाद राज्य सरकार से अनुदान पाने वाले इन मदरसों की जांच के आदेश पटना हाईकोर्ट ने जारी किए हैं.
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को ये आदेश दिया गया है. अदालत ने सभी जिलों के डीएम के साथ तुरंत बैठक करने के लिए कहा है. वहीं जाली कागजातों के साथ मदरसों को दी गयी मान्यता मामले में दर्ज प्राथमिकी को लेकर डीजीपी को कहा गया है कि वो जांच की पूरी जानकारी कोर्ट को दें.
बता दें कि मदरसे के मुद्दे पर राजनीति गरमाई हुई है. भाजपा नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा ने सरकार पर हमला बोला है. अवैध तरीके से मदरसों को मान्यता देने और फंडिंग करने का आरोप लगाते हुए इसका आतंकवादी कनेक्शन भी निकाल दिया है.

