मुजफ्फरपुर : पानी में डूबने से मरे साहेबगंज के अहियापुर निवासी जितेंद्र कुमार के परिजन मुआवजे के लिए पांच माह से हाकिमों के समक्ष फ’रियाद लगा रहे हैं। प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक दौड़ लगाने के बाद भी मु’आवजा राशि नहीं मिल सकी है। सीओ घ’टना की जांच कर चुके हैं, लेकिन रि’पोर्ट लंबित रखी है।
रिपोर्ट के अभाव में जितेंद्र समेत 19 मृतकों के आश्रितों को मुआवजा के रूप में चार लाख रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इस संबंध में जिला आ’पदा प्रबंधन कार्यालय ने आ’पदा प्रबंधन विभाग को रिपोर्ट भेजी है।
नदी, तालाब व गड्ढे में डूबने से मरे 15, सर्पदंश से मरे तीन व वज्रपात से मरे एक व्यक्ति का मुआवजा सीओ द्वारा रिपोर्ट तैयार नहीं किए जाने के कारण अटका है। सभी 19 लोगों की बीते सितंबर, अक्टूबर व नवंबर में मौत हुई थी।
कांटी के मणिकपुर निवासी गुड़िया देवी व उसकी पुत्री आशिका कुमारी की मौत 12 सितंबर को सांप के डसने से हो गई थी। शहर के लक्ष्मी चौक निवासी 21 वर्षीय अभिषेक कुमार की मौत, 21 अक्टूबर को छठ के दौरान डूबने से हो गई थी।
लकड़ीढ़ाई के शिवम कुमार की मौत 11 अक्टूबर, कुढ़नी के केरमा के वीरेंद्र मांझी की मौत नौ अक्टूबर, गायघाट के जांता के नीरज कुमार की मौत 15 सितंबर, बेनीबाद के प्रिंस कुमार की मौत 31 अक्टूबर, और साहेबगंज के अहियापुर के मो. जलील की मौत सात सितंबर को डूबने से हो गई थी। वहीं, औराई के जनाद निवासी धीरज कुमार की मौत 24 सितंबर को वज्रपात से हो गई थी।


