पटना: सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को नए सत्र से डिजिटल कक्षा की सुविधा मिलेगी। विशेषज्ञ शिक्षकों के वीडियो से छात्र स्कूल के अलावा घर पर कभी भी पढ़ाई कर सकेंगे। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा एक साल से डिजिटल क्लास की तैयारी की जा रही थी।
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नौवीं और दसवीं के हर विषय का चैप्टर वार डिजिटल सामग्री तैयार हो, इसके लिए राज्यभर से 20 शिक्षकों की टीम बनाई गई थी। टीम में विषयवार शिक्षकों को रखा गया था। एक शिक्षक द्वारा संबंधित विषय के किसी एक चैप्टर का 45 मिनट का वीडियो तैयार किया गया है।
इसका लाभ राज्यभर के नौंवी और दसवीं कक्षा में पढ़ रहे 15 लाख से अधिक छात्रों को मिलेगा। शिक्षकों द्वारा तैयार वीडियो को पेन ड्राइव के माध्यम से स्कूलों को भेजा गया है। वीडियो से स्कूल प्रशासन द्वारा उन्नयन योजना के तहत चल रहे स्मार्ट क्लास में पढ़ाया जायेगा। इसके अलावा वीडियो को दीक्षा पोर्टल, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की वेबसाइट, यू- ट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया गया है।
ताकि छात्र वीडियो को अपनी सुविधानुसार कभी भी देख सकते हैं। ज्ञात हो कि बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा 2021 से डिजिटल कक्षा की तैयारी शुरू की गयी थी। इससे नौवीं और दसवीं के तमाम छात्रों को फायदा होगा। खासकर मैट्रिक परीक्षा देने वाले छात्रों को इसका विशेष तौर पर लाभ मिलेगा।
विषय वार शिक्षकों की कमी होगी दूर: डिजिटल क्लास से विषय वार कक्षा नहीं होने की दिक्कतें भी दूर होगी। छात्र अब उन विषयों की पढ़ाई भी कर पायेंगे, जिन विषयों के शिक्षक स्कूल में नहीं होंगे। अप्रैल में नये सत्र शुरू होने के साथ स्मार्ट क्लास में इसकी पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए स्कूल अपने तरीके से डिजिटल कक्षा का शेड्यूल बनाएंगे।


