मुजफ्फरपुर : निगम बोर्ड की बैठक में मेयर निर्मला साहू द्वारा दिए गए 14 एजेंडों पर चर्चा हुई। बहस के बाद 10 प्रस्ताव पारित हुए। चार प्रस्तावों को अगली मीटिंग में विमर्श के लिए टाल दिया गया।
वार्डो में 25 करोड़ की लागत से सड़कें और नालों का निर्माण, आवारा कुत्तों की नसबंदी सहित कई प्रस्तावों को पास किया गया। बोर्ड की बैठक में डिप्टी मेयर डॉ. मोनालिसा द्वारा दिए गए 11 सूत्री एजेंडे पर चर्चा नहीं हुई।
आईसीसीसी भवन के पास नगर निगम के नए कार्यालय भवन के निर्माण पर 11 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मीटिंग में पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए चार मंजिले भवन का नक्शा व डिजाइन दिखाया गया।
ग्राउंड फ्लोर पर जन्म- मृत्यु शाखा, जल शाखा व अन्य शाखाएं होंगी। पहले तल्ले पर मेयर, डिप्टी मेयर के दफ्तर के साथ ही कांफ्रेंस रूम, वार्ड पार्षद रूम से लेकर वेटिंग रूम तक होंगे। तीसरे तल्ले पर लेखा, नक्शा व अन्य शाखाएं, जबकि चौथे तल्ले पर नगर आयुक्त, अपर नगर आयुक्त, सिटी मैनेजर व अन्य अफसरों के दफ्तर होंगे। भवन में लिफ्ट से लेकर पार्किंग तक की सुविधा रहेगी।
महानगरों की तर्ज पर शहर में आवारा कुत्तों की नसबंदी होगी। साथ ही एंटी रैबीज इंजेक्शन दिए जाएंगे। प्रस्ताव पेश करते हुए नगर आयुक्त नवीन कुमार ने बताया कि इस व्यवस्था से कुत्तों की आक्रामकता कम होने के साथ ही अगले छह-सात वर्षों में उनकी संख्या भी नियंत्रित हो जाएगी।
इसके अलावा पालतू कुत्तों को लेकर सर्वे कराया जाएगा कि किन-किन नस्लों के कितने कुत्ते हैं। अगली बैठक में कुत्तों के रजिस्ट्रेशन शुल्क या गंदगी आदि पर जुर्माना को लेकर निर्णय होगा। सड़कों पर घूमने वाले पशु गाय आदि को अभियान चलाकर गोशाला भेजा जाएगा। हाइकोर्ट में पैरवी करने वाले वकीलों की फीस एक हजार से बढ़ा कर ढाई हजार रुपए की गई।
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर फंड व अन्य कार्यो की समीक्षा होगी। सोलर सिस्टम के साथ जुब्बा सहनी ऑडिटोरियम के निर्माण का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। इस पर साढ़े 18 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसको लेकर स्मार्ट सिटी के तहत भी योजना बनाई गई थी पर काम नहीं हो सका। निर्माण कार्य को लेकर निगम बोर्ड की एनओसी जरूरी है। इसके बाद प्रस्ताव पास कर दिया गया।
