मानसिक रूप से विक्षिप्त व भटकते लोगों के लिए कबतक मुकदर्शक बनी रहेगी प्रशासन….

मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी के तहत एक तरफ जहां शहर में सड़क चौड़ीकरण का कार्य जारी है वहीं मोतीझील जो शहर का सबसे व्यस्त सड़कमार्ग है जहां जिला प्रशासन और पुलिस की रेकी रहती है।

मोतीझील ओवरब्रिज पर आय दिन लोगों का आवागमन होता है इसके बावजूद किसी का ध्यान वहां पड़े मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति पर नहीं गया। बेघर, ग़रीब, विकलांग और मानसिक बीमारियों के शिकार लोग वैसे भी समाज में सबसे पीछे की कतार में होते हैं लेकिन किसी तरह की आपदा की स्थिति में इन्हें और पीछे धकेल दिया जाता है। ऐसे लोग अक्सर आपको सड़क के किनारे आवारा घूमते मिल जाएंगे।

इस कड़ाके की ठंड के बीच कई दिनों से एक युवक सड़क के किनारे पड़ा है। आने जाने वाली पुलिस की गाड़ियां वहां से हर रोज गुजरती जरूर है पर किसी ने भी उसपर ध्यान देना जरूरी नहीं समझा! यह कोई पहला मामला नहीं है जब शहर में ऐसे कोई मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति भटकते हुए दिखा हो। ऐसे मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति के लिए प्रशासन को आगे आना चाहिए। शेल्टर रूम या रहने की व्यवस्था पर सरकार व प्रशासन को ध्यान देना चाहिए।

आपको बता दें कि जब इसपर वार्ड संख्या 27 के पार्षद अजय ओझा का ध्यान गया तो उन्होंने उस व्यक्ति की सहायता की, उसे भोजन खिलाया साथ उस विछिप्त व्यक्ति को  कंबल आदि की भी व्यवस्था मुहैया कराया गया।

 

 

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