पटना : राज्य सरकार अप्रैल तक सभी 38 जिलों में पिछड़ा- अति पिछड़ा कन्या आवासीय विद्यालय शुरू कर देगी। इसके लिए पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसको लेकर पिछले दिनों विभाग में उच्चस्तरीय बैठक भी हुई है। इसके तहत जहां विभाग के पास अपना भवन नहीं है, वहां किराए के मकान में ही विद्यालय को चालू किया जाएगा। धीरे-धीरे विभाग अपने परिसर में विद्यालय स्थापित करेगा।
इसके लिए चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में पिछड़ा-अति पिछड़ा कन्या आवासीय विद्यालय के भवन का निर्माण किया जाएगा। हर जिले में आवासीय विद्यालय में 520-520 छात्राओं के रहने और पढ़ने की व्यवस्था की जाएगी।
इस समय 11 जिलों में 12 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय विद्यालयों में पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग की छात्राओं के अध्ययन की व्यवस्था की गयी है। पटना जिले में दो जबकि अन्य जिलों में एक-एक आवासीय विद्यालय हैं।
इस समय पटना, मोकामा के अलावा गया, सासाराम, सारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सहरसा, दरभंगा, पूर्णिया, भागलपुर और मुंगेर में अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय विद्यालय स्थापित हैं।
सात जिलों में पिछड़ा-अति पिछड़ा कन्या आवासीय विद्यालय के भवन के निर्माण का प्रस्ताव विभाग ने कैबिनेट को भेजा है। वहां से स्वीकृति के बाद इन जिलों में निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विभाग की योजना वर्ष 2025 तक सभी जिलों में पिछड़ा-अति पिछड़ा कन्या आवासीय विद्यालय के भवन का निर्माण पूरा कर लेने की योजना है। इसी लक्ष्य को लेकर विभाग कार्ययोजना बनाने में जुटा है।
पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार का कहना है कि हम हर जिले में पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग की छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित हैं। विभाग इस योजना को अपना लक्ष्य बनाकर चल रहा है। हमारा लक्ष्य अप्रैल तक सभी जिलों में आवासीय विद्यालय शुरू करने का है। हम दो वर्षों में सभी जिलों में ऐसे विद्यालयों का भवन तैयार कर लेंगे।
