मुजफ्फरपुर: जीविका को साथ लेकर ही उत्पाद विभाग महादलित टोले में छापेमारी करेगी। महादलित व दलित टोलों में शराब बरामदगी को लेकर होने वाली छापेमारी में उत्पाद विभाग की टीम के साथ जीविका भी शामिल रहेगी। शराब बनाने या बेचने वाले परिवारों को चिह्नित कर वे सूची बनाएंगी। इन परिवारों को सतत जीविकोपार्जन योजना से जोड़ कर लाभ दिलाया जाएगा।
इसका उद्देश्य शराब और ताड़ी के अवैध धंधे से हटाकर ऐसे लोगों को रोजगार की ओर ले जाना है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। विभाग की ओर से इसकी कवायद भी शुरू कर दी गई है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के संयुक्त आयुक्त श्रीकृष्ण पासवान ने इसको लेकर जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें बताया है, कि सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत लाभुकों को इस योजना का लाभ पहुंचाना है।
इस उद्देश्य से यह आवश्यक है कि महादलित, दलित टोलों में उत्पाद विभाग की टीम के साथ जीविका के पदाधिकारियों, कर्मियों को छापेमारी के दौरान साथ में रखा जाए। घटनास्थल पर ही महादलित, दलित परिवारों को चिह्नित कर लिया जाए। इसके बाद इन परिवारों की सूची तैयार करने को कहा है, जिससे तत्काल सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ इन्हें दिया जा सके। संयुक्त आयुक्त ने मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को जीविका के पदाधिकारियों को निर्देश देने को कहा है।
उत्पाद विभाग ने 558 लोगों की जीविका को भेजी सूची
जिले में सतत जीविकोपार्जन योजना का लाभ दिलाने की कवायद शुरू कर दी गई है। महादलित और दलित परिवार के शराब बनाने और बेचने वाले लोगों की सूची तैयार कर ली गई है। उत्पाद विभाग ने सूची जीविका के पास भेजी है। इसके अनुसार 558 वैसे लोग हैं, जो शराब बनाते या बेचते हैं। इसमें शहरी क्षेत्र में भी शराब बनाने व बेचने वाले शामिल हैं। इनके नाम की अनुशंसा सतत जीविकोपार्जन योजना के लिए की गई है।

शराब बरामदगी को लेकर महादलित व दलित टोलों में छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम के साथ अब जीविका भी शामिल होगी। इसको लेकर जीविका के अधिकारियों को सूचना दी गई है। शराब बनाने या बेचने वाले लोगों को सतत जीविकोपार्जन योजना से जोड़ कर इसका लाभ दिलाया जाएगा, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
-संजय राय, उत्पाद अधीक्षक



