मुजफ्फरपुर: जिले के विद्यालयों ने बच्चों के सीखने में सुधार करने के लिए मानव-केंद्रित अप्रोच को अपनाते हुए नवाचार शुरू किया है। आदर्श उत्क्रमित मध्य विद्यालय बी .एम् .पी कंपाउंड ने स्मार्ट क्लास स्थापित करने का निर्णय लिया। ये विद्यालय 10 देशों अफ़गानिस्तान, ब्राजील, भारत, केन्या, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, पुर्तगाल, ताजिकिस्तान, तंजानिया, युगांडा के चुने गए 1000 संस्थानों का हिस्सा हैं।
सभी संस्थान 2020 से 2030 के बीच दस वर्षों तक अपनी सीखने-सिखाने की समस्याओं की पहचान करने, इनके समाधान हेतु शिक्षण नवाचार शुरू करने और इनके नतीजे साझा करने के लिए मानव-केंद्रित अप्रोच ह्यूमन सेंटर्ड अप्रोच को अपना रहे हैं। इसके तहत बच्चों को केंद्र में रखकर उनकी ज़रूरतों का ध्यान रखते हुए अपनी शिक्षण प्रक्रियाओं को तय कर रहे हैं। इस मुहिम में आगा खान फाउंडेशन इन संस्थानों की वित्तीय और अकादमिक सहायता कर रहा है।
विद्यालयों ने कक्षा 5 को केंद्र में रखकर गणित, सृजनात्मकता, स्वयं-जागरूकता, और कला एवं संस्कृति जैसे 5 अधिगम क्षेत्रों में विद्यार्थियों की शैक्षिक ज़रूरतों और सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं को केंद्र में रखा है।

मौके पर उपस्थित- विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष – शिवशंकर महतो ,सचिव -श्रीमती संगीता देवी ,एवं समिति के अन्य सदस्य बिहार पुलिस मेंस एशोसियेशन के अध्यक्ष शैलेश कुमार यादव, बिहार पुलिस मेंस एशोसियेन मंत्री अरविन्द कुमार पासवान एवं बहिनी से प्रतिनियुक्त शिक्षक शत्रुधन कुमार एवं कंप्यूटर शिक्षक अभिषेक कुमार एवं 2030 कार्यक्रम के सदस्य उपस्थित रहे।
प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार ने इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों, अभिभावक एवं बच्चों को संबोधित किया और इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे यह प्रयास 10 से ज्यादा आयु के बच्चों को उनकी शिक्षा के अगले पड़ाव उच्च-प्राथमिक कक्षाओं के लिए तैयार करेगा। आगा खान फाउंडेशन के तरफ से प्रीति कुमारी एवं सरोज कुमार द्वारा बताया गया कि इससे न केवल बच्चों के शिक्षण अधिगम स्तर में वृद्धि होगी, बल्कि शिक्षकों के अपने शिक्षण के तौर-तरीको में बदलाव होंगे। इस नवाचार के तहत स्मार्ट क्लास के लिए कंप्यूटर,सी.पी.यू. कीबोर्ड, पेन ड्राइव, एचडीएमआई केबल, स्पीकर, एल.इ.डी. टीवी, दिया गया |





