दरभंगा. भोलेनाथ के भक्तों के लिए 18 तारीख बहुत बड़ा दिन है. क्यूंकि इस दिन महाशिव रात्रि है. इस बार संगम संयोग बन रहा है. इस बार महाशिवरात्रि पर्व करने से आपको तीन पर्व करने का फल प्राप्त होगा. ऐसा हम नहीं कह रहे हैं ऐसा कहना है कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के पीजी ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ कुणाल कुमार झा का. आइए जानते हैं इस दिन भक्तों पर कितनी कृपा भोलेनाथ बरसाएंगे.
प्रदोष त्रयोदशी और चतुर्दशी के साथ महाशिवरात्रि भी है
उन्होंने बताया कि इस बार 18 को प्रदोष त्रयोदशी और चतुर्दशी के साथ महाशिवरात्रि भी है. जैसे गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है, वैसे ही उस दिन यह तीनों व्रत करने का संगम है. अर्थात एक व्रत करने से आपको 3 व्रत का फलाफल प्राप्त होगा वह भी हर एक मानव जाति को.
किस राशि को, क्या मिलेगा?
इसबार सभी 12 राशियों के जातकों के लिए कुछ न कुछ अच्छा ही होग. क्योंकि उस दिन रावण द्वारा रामेश्वर बैद्यनाथ जो कामना लिंग है, उसकी स्थापना की गई थी. जिसमें महापंडित रावणेश्वर द्वारा शिव तांडव स्त्रोत करके भगवान शिव की आराधना की गई थी. इस शिव तांडव स्त्रोत से शिव और पार्वती प्रसन्न होते हैं.
शिव तांडव स्त्रोत सभी राशियों के जातकों को करना चाहिए
इस शिवरात्रि शिव तांडव स्त्रोत सभी राशियों के जातकों को करना चाहिए. इससे उनकी विघ्न बाधाएं दूर हो जाएगी और जीवन में खुशहाली आ जाएगी. जितने भी परेशानी उनके पास होगी वह सभी दूर हो जाएगी. इस दिन व्रत के दौरान रात्रि जागरण कर शिव शक्ति की आराधना करनी चाहिए. ऐसा करने से शिव की असीम कृपा उन पर बनी रहेगी.



