अपना 72वां जन्मदिन मना रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पांच दशक की राजनीति में भी नहीं कर पाए यह सपना पूरा

PATNA : बिहार की सियासत के सबसे बड़े चेहरा बन चुके मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 72 साल के हो गए हैं। बिहार में सबसे अधिक समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड बना चुके नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को पटना जिले के बख्तियारपुर में हुआ था। आज उनके जन्मदिन पर जदयू के तमाम नेता उन्हें बधाई दे रहे हैं।  बता दें कि नीतीश का उपनाम मुन्ना है।

Bihar CM Nitish Kumar On Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary Said I Have  Deep Respect For Atal Ji | Bihar: 'अटल जी हमेशा मुझे...', नीतीश कुमार ने  पूर्व पीएम की जयंती परसबसे अनुभवी राजनेता

वर्तमान की राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो नीतीश कुमार की गिनती उन नेताओं में होती है, जो लगभग पांच दशक से राजनीति कर रहे हैं। देश में वर्तमान में सक्रिय राजनीति से जुड़े रहनेवाले नेताओं में सिर्फ लालू प्रसाद ही ज्यादा अनुभवी हैं।

सिर्फ एक बार पहुंचे विधानसभा

नीतीश के राजनीतिक करियर की शुरूआत साल 1977 में हुई थी। इस साल नीतीश ने जनता पार्टी के टिकट पर पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। साल 1985 को नीतीश बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए। इसके बाद नीतीश कुमार कभी भी विधानसभा के चुनाव में नहीं उतरे।

1990 में बने केंद्रीय मंत्री

नीतीश का राजनीतिक कद धीरे धीरे बढ़ता जा रहा था। इसी बीच साल 1987 को नीतीश कुमार बिहार के युवा लोकदल के अध्यक्ष बन गए। नीतीश राजनीति में पारंगत हो ही रहे थे कि साल 1989 को नीतीश कुमार को जनता दल (बिहार) का महासचिव बना दिया गया। अब तक नीतीश ने अच्छी खासी राजनीतिक पहचान बना ली थी। साल 1989 नीतीश के राजनीतिक करियर के लिए काफी अहम था। इस साल नीतीश 9वीं लोकसभा के लिए चुने गए। लोकसभा के लिए ये नीतीश का पहला कार्यकाल था। इसके बाद साल 1990 में नीतीश अप्रैल से नवंबर तक कृषि एवं सहकारी विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री रहे।

2006 में पहली बार विधानसभा पहुंचे नीतीश

विधानसभा और लोकसभा सदस्य बनने के बाद नीतीश कुमार पहली बार 2006 में बिहार विधान परिषद पहुंचे। हालांकि इस समय तक वह बिहार के मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके थे। उसके बाद 2012 और 2018 में फिर से वह विधानसभा पहुंचे।

राज्यसभा नहीं जाने का मलाल

72 साल के नीतीश कुमार देश की राजनीति के तीनों सदन के सदस्य बन चुके हैं। लेकिन सिर्फ राज्यसभा ऐसा है, जिसका सदस्य बनने का उन्हें कभी मौका नहीं मिला। इस बात का जिक्र उन्होंने खुद किया था कि एक बार राज्यसभा का सदस्य बनना चाहते हैं। जिसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि उन्हें उप राष्ट्रपति के रूप में राज्यसभा भेजा जा सकता है। हालांकि बाद में यह चर्चा गलत साबित हुई।

 

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