कुत्तों के आतंक से सहमा नवादा, प्रतिदिन दर्जनों लोग बन रहे शि’कार, सदर अस्पाताल में भी तां’डव

नवादा: बिहार के नवादा जिले में आवारा कुतों का आतंक प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। आवारा कुतों ने शहर के लोगों को परेशान कर रखा है। हर दिन जिले के सदर अस्पताल में करीब 70 से 80 डॉग बाइट के मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं कभी- कभी तो यह आंकड़ा 100 के पार भी हो जा रहा है। यही नहीं शहर के सदर अस्पताल में भी करीब दो दर्जन कुतों का तांडवा छाया हुआ है। इन कुतों के आंतक से कई मरीज अस्पताल से बिना इलाज कराए ही भाग जा रहे है। इस के बावजूद भी प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई कार्यवाई नहीं कर रही है।

दरअसल, नवादा में आवारा कुत्तों का आंतक इतना ज्यादा बढ़ गया है कि एक ही परिवार के तीन लोगों को अपना शिकार बना लिया है। अस्पतालों में डॉग बाइट के 70 से 100 मरीज पहुंच रहे हैं। एंटी रैबीज वैक्सीन के इंजेक्शन के लिए मरीजों की लंबी कतार लग रही है। बताया जा रहा है कि इन कुत्तों के शिकार अधिकतर बच्चें हो रहे है। वहीं सदर अस्पताल में कुत्तों का आतंक ऐसा है कि मरीज भी देखकर भागना शुरू कर देते हैं। नवादा के सिविल सर्जन एसी रूम में बैठकर एसी का मजा ले रहे हैं। नवादा में 72 गार्ड की बहाली की गई है। लेकिन कुत्तों पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है।

बता दें कि सदर अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन का इंजेक्शन दे रहे फार्मासिस्ट सतेंद्र कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस माह में डॉग बाइट के मामले काफी बढ़ गए हैं। पहले प्रतिदिन 8-10 लोग डॉग बाइट का इलाज कराने पहुंचते थे। लेकिन इस महीने की बात करें तो प्रतिदिन 70-80 लोग आवारा कुत्तों का शिकार हो रहे हैं और अपना इलाज कराने अस्पताल पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी रैबीज का इंजेक्शन उपलब्ध है, घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर कुत्ता काट ले तो अपना इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जरूर कराएं।

आपको बता दें कि शहर में आवारा कुत्तों का भरमार है। दिन भर चौक चौराहों पर आवारा कुत्ते मंडराते दिखते हैं और यही कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं। लेकिन इन आवारा कुत्तों को वश में करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई पहल नहीं की जा रही है। जिसके कारण आए दिन लोग कुत्ते का शिकार हो रहे हैं। वहीं आलम यह है कि कुत्ता कभी भी किसी वार्ड में घुसकर किसी पर भी हमला कर देता है, हालांकि अस्पताल में इस तरह का बात अब तक सामने नहीं आया है।

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