मधुबनी की सुभद्रा देवी को मिला पद्म श्री, राष्‍ट्रपति ने कि‍या सम्‍मानित

मधुबनी: पेपरमेशी कला में विशेष योगदान के लिए मधुबनी की सुभद्रा देवी (87) को बुधवार शाम दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कलाकार सुभद्रा देवी को प्रशस्ति पत्र, मेडल व प्रमाण पत्र प्रदान किया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुभद्रा देवी से कुशलक्षेम पूछते हुए पेपरमेशी कला पर बातचीत की।Padma Award 2023: पेपरमेशी कला में मधुबनी की सुभद्रा देवी को मिला पद्म श्री, राष्‍ट्रपति ने कि‍या सम्‍मानित।पहले भी राज्‍य और केंद्र सरकार कर चुकी हैं सम्‍मानित

बता दें कि पेपरमेशी कला में मधुबनी की सुभद्रा देवी को पहला पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया है। मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड के सलेमपुर गांव की सुभद्रा देवी पेपरमेशी कला के विस्तार के लिए 1980 में राज्य सरकार के उद्योग विभाग और 1991 में केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित हो चुकी हैं। सुभद्रा पेपरमेसी कला के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने न सिर्फ कला को समृद्ध किया, बल्कि 100 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर भी बनाया है। माता महेश्वरी देवी, पिता रुद्र नारायण दास की पुत्री सुभद्रा देवी 15 साल की उम्र से पेपरमेशी कला से जुड़ी रही हैं। इस कला को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में काफी संघर्ष किया।

बचपन से ही पेपरमेशी कला के प्रति रहा रुझान 

सुभद्रा देवी ने स्कूली शिक्षा प्राप्त की, ले‍किन बचपन से ही उनका पेपरमेशी कला के प्रति रुझान रहा। इसी राह पर आगे चलकर कला के जरिए वे अपने परिवार की जिम्मेदारी को पूरा करने में सफल रहीं। आशीष कुमार ने बताया कि दिल्ली, मुंबई सहित देशभर में विभिन्न जगहों पर प्रदर्शनी व कार्यशाला में पेपरमेसी कलाकृतियों के जरिए एक अलग पहचान बनाने में सफल रहीं। इस कला को लेकर सुभद्रा देवी स्पेन में आयोजित प्रदर्शनी में शामिल हो चुकी हैं। सुभद्रा देवी दस्तकार, दस्तकारी, मद्रास क्राफ्ट जैसी कई संस्थाओं से जुड़ी है।

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