प्यार, शादी और धोखा ! तमिलनाडु में लव मैरिज कर सीतामढ़ी में 15 हजार में युवती को बेचा

मुजफ्फरपुर: प्यार, शादी और फिर 15 हजार में दूसरे के हाथ सौदा। कुछ ऐसी ही कहानी है ओडिशा के सुंदरगढ़ निवासी युवती की। उसने पहले माता-पिता को खो दिया। रोजी-रोटी के के चक्कर में तमिलनाडु गई। यहां एक युवक ने प्रेम जाल में फंसाकर उससे शादी की और फिर उसका सौदा कर दिया। जानकारी के अनुसार, युवती तमिलनाडु में एक कंपनी में कपड़ा सिलाई करती थी। यहीं साथ काम करने वाले सीतामढ़ी के परिहार के बेला थाने के युवक सत्येंद्र यादव ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। दोनों ने तमिलनाडु में ही शादी कर ली। दो साल की अपनी कमाई भी उसे सौंप दी, मगर युवती को धोखा ही मिला। उसे सीतामढ़ी लाकर युवक ने माता-पिता से मिला कर उसका सौदा 15 हजार में दूसरे के हाथ कर लिया।

ननिहाल में छह साल की मासूम से नाबालिग ने किया दुष्कर्म, माता-पिता पंजाब में  करते हैं मजदूरी - A six year old dushkarm in Banka parents do wages in  Punjabयुवती शायद ही इस चक्र से निकल पाती, मगर संयोग हुआ कि उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के कारण पेट में दर्द हुआ। इलाज के लिए मंगलवार को एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज एवं अस्पताल) लाया गया। यहां चिकित्सक और एएनएम से आपबीती सुनाई। एसकेएमसीएच ओपी मामला पहुंचा। पुलिस ने युवती को अभिरक्षा में ले लिया। वहीं, 15 हजार में खरीदने वाले नरगा के चंदन ठाकुर को हिरासत में ले लिया।

पुलिस के सामने चंदन ने रुपये देने की बात स्वीकार की। पुलिस अभिरक्षा में युवती ने बताया कि सत्येंद्र ने घर बनाने के लिए उससे पैसे मांगे। उसने दो साल की कमाई करीब चार लाख उसे दे दिए। पिछले साल दिसंबर में सत्येंद्र उसे परिहार के भासर अपने गांव ले आया। सत्येंद्र के माता-पिता ने उससे दूसरी शादी करने का दबाव बनाया। वह राजी नहीं हुई तो साजिश के तहत सत्येंद्र कहीं चला गया।

पीड़िता ने बताया कि बाद में उसके माता-पिता ने इलाज कराने के बहाने वहां से कुछ किलोमीटर दूर नरगा गांव के चंदन ठाकुर के यहां रख दिया। यहीं कुछ दिन रहने की बात कहकर वे चले गए, मगर नहीं लौटे। चार दिन रहने के बाद शक हुआ। चंदन ने इस बारे में कुछ नहीं बताया। इसी बीच उसके पेट में दर्द होने पर उसे चंदन एसकेएमसीएच लाया गया।

शादी के साथ बच्चे को अपनाने के लिए तैयार

15 हजार देने वाले चंदन ने कहा कि उसे पहले ही युवती को दिखा दिया गया था। उसने कहा, युवती से वह शादी के लिए तैयार है। साथ ही बच्चे को भी अपनालेगा। मामले को लेकर ओपी प्रभारी विजय प्रसाद ने सत्येंद्र के घर फोन किया। वहां से उसका बड़ा भाई आया और युवती को लेकर चला गया। इस बारे में सत्येंद्र से बात करने पर उसने कहा कि युवती ही दूसरी शादी करने चली गई थी।

वहीं, इतने गंभीर मामले में ओपी प्रभारी ने युवती को फिर उन्हीं हाथों में सौंप दिया। जिसने उसका सौदा किया था। साथ ही चंदन ठाकुर को भी छोड़ दिया गया, जिसने युवती के लिए 15 हजार देने की बात स्वीकार की थी। ओपी प्रभारी ने कहा, किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं की गई, इसलिए कार्रवाई नहीं की।

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