जदयू नेता ने जीते जी बनवाया अपना और अपनी पत्नी का स्मारक, बताई इसके पीछे की वजह

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर में जदयू के पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने जिंदा रहते हुए खुद की और अपनी पत्नी स्मारक बनवाकर प्रतिमा लगवा दी। साथ ही मंगलवार को इसका अनावरण भी करवा दिया। प्रतिमा का अनावरण बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने किया। जननायक कर्पूरी ठाकुर की पहल पर राजनीति में आए पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने बताया कि मरने के बाद किसी को याद रखने के लिए उनकी प्रतिमा लगवाई जाती है।

अब जैसा सामाजिक वातावरण बन गया है, यह देखकर महसूस होता है कि अपने भी याद करेंगे या नहीं। इसको देखते हुए पांच साल पहले मन में विचार आया कि अपने साथ अपनी जीवन संगिनी शांति देवी की संयुक्त प्रतिमा को लगाया जाए। उसके बाद जयपुर से प्रतिमा मंगाकर लगाई गई। मंगलवार को प्रतिमा का अनावरण किया गया।

पूर्व विधायक ने बताया कि उनके घर पर 1973 में जननायक कर्पूरी ठाकुर आए थे। उन्होंने विधिवत संयुक्त सोसलिस्ट पार्टी का सदस्य बनाकर राजनीति में उतारा। उसी साल मुशहरी में महंगाई, गरीबी के सवाल पर मुशहरी बीडीओ का 36 घंटे तक घेराव किया और जेल गए। 1974 में वह जेपी के नेतृत्व में आंदोलन के दौरान जेल गए। इमरजेंसी के दौरान संपूर्ण भारत बंद में भी वो जेल गए थे। जननायक कूर्परी ठाकुर कहते थे कि जो जेपी आंदोलन में जेल गया, उसको टिकट मिलेगा। 1990 विधानसभा चुनाव में पिपरा सुरक्षित सीट से जनता दल की टिकट पर चुनाव जीते।

पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने लगवाई है अपनी प्रतिमा

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर उनको टिकट मिला था। उसके बाद संकल्प लिया कि उनके साथ रहना है। जदयू के प्रदेश सचिव प्रो सब्बीर ने बताया कि अपनी खुद कि प्रतिमा उत्तर प्रदेश में मायावती और बिहार में पहली बार पूर्व विधायक सहदेव पासवान ने लगवाई है। ये एक अनोखी पहल है।

प्रतिमा लगाए जाने पर पूर्व विधायक की पत्नी ने कही ये बात

पूर्व विधायक सहदेव पासवान की पत्नी शांति देवी का कहना है कि समाज में जो वातावरण बन रहलई ह, ए लेल हम सोचली कि अपन मूर्ति जिंदा रहइत लगवा लू। अनावरण के बाद बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि ये एक अनोखी पहल है।पहली बार किसी जीवित व्यक्ति की प्रतिमा का अनावरण किया है।

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