मन की बात में चम्पारण के इस शख्स की दो बार चर्चा, जानें प्रमोद कुमार के बारे में….

पश्चिम चम्पारण .प्रधानमंत्री मोदी ने आज ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 100वें एपिसोड में बेतिया के एक ऐसे शख्स का जिक्र किया, जिसने कोरोना महामारी की वजह से लगे लॉकडॉन में निराश होने के बजाए न सिर्फ खुद को आत्मनिर्भर बनाया बल्कि गांव के दर्जनों लोगों को रोजगार दिया. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के एपिसोड में बिहार समेत देश के अलग-अलग राज्यों के उन सभी लोगों की चर्चा की, जिन्होंने समाज के एक बड़े वर्ग को प्रेरित करने का काम किया है. इसी क्रम में उन्होंने पश्चिम चम्पारण जिले के रत्नमाला निवासी प्रमोद कुमार का जिक्र किया.

मन की बात में हुआ प्रमोद का ज़िक्र.आमंत्रण पत्र पर किया पटना का रूख

प्रमोद कुमार राजभवन के आमंत्रण पर पटना गए थे. जहां उन्हें राज्यपाल की ओर से सम्मानित किया गया. जब उन्हें यह जानकारी मिली कि पीएम ने मन की बात कार्यक्रम में उनकी सराहना की है, तो वो अत्यंत खुशी के कारण भावुक हो गए. पीएम मोदी ने उनका जिक्र करते हुए कहा कि बेतिया के रहने वाले प्रमोद कुमार ने एलईडी बल्ब बनाकर आत्मनिर्भर भारत की मिसाल पेश की है. यही ‘लोकल फॉर वोकल’ की ताकत है. पीएम की मन की बात पर प्रमोद ने कहा कि ‘लोकल फॉर वोकल’ का संदेश अति सराहनीय है. आज देश में इसकी सर्वाधिक जरूरत है, तभी देश में बड़ी संख्या में ऐसे यूनिट लगेंगे और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा. इससे देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती आएगी.

लॉकडॉन में काम छूटा तो बनाई खुद की एलईडी यूनिट

रतनमाला गांव के प्रमोद ने कोरोना काल में अपने घर में ही एलईडी बल्ब बनाने की एक छोटी सी यूनिट लगाई थी. उनका काम तेजी से बढ़ा और वे एलईडी बल्ब बनाकर स्थानीय बाजार में बेचने लगे. आत्मनिर्भरता की मिसाल बने प्रमोद ने अपनी यूनिट में गांव के बेरोजगार युवकों को रोजगार भी दिया. प्रमोद दिल्ली में एलईडी बल्ब फैक्ट्री में टेक्नीशियन के रूप में काम करते थे. लॉकडाउन में जब काम छूटा तो अपने गांव वापस आ गए. सूबे में बिजली की स्थिति ठीक होते देख उन्हें लगा कि एलईडी बल्ब की मांग सर्वाधिक होगी.

उन्होंने तीन से चार हजार की लागत से एलईडी बल्ब बनाना शुरू कर दिया. इससे उनका कारोबार निरंतर बढ़ता गया. खास बात यह है कि अब तक यूनिट में आधारभूत संरचनाओं में कुल 11 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, साथ ही एलईडी बल्ब का उत्पादन भी बढ़ गया है. शुरू में तो प्रमोद खुद काम करते थे और बल्ब को स्थानीय बाजार में बेचते थे, लेकिन आज उनके यहां 14 से 15 कारीगर काम करते हैं.

2021 में पीएम ने किया था प्रोमद का जिक्र

इससे पहले भी 28 फरवरी 2021 को मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने प्रमोद कुमार की चर्चा की थी. तब उस समय के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने उन्हें भारतीय स्टेट बैंक से 6 लाख 50 हजार का लोन दिलवाया था. प्रमोद ने हार नहीं मानी,  उन्होंने अपने काम को और ज्यादा बढ़ाया.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading