बिहार: 5 मई को बुद्ध पूर्णिमा है. इसको लेकर तैयारी भी जारी है. पूर्णिया के ज्योतिषाचार्य दयानाथ मिश्र कहते हैं कि बुद्ध पूर्णिमा 5 मई 2023 को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान बुध ने दशम अवतार में आकर विश्व को अहिंसा का पाठ पढ़ाया. उन्होंने ‘अहिंसा परमो धर्म’ एवं इस मार्ग पर चलने के लिए लोगों को सिखाया. इस दिन इस व्रत को करने से काफ़ी लाभ मिलता है.

पूर्णिमा के दिन लोग धर्मराज का करते हैं व्रत
ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन लोग धर्मराज का भी व्रत करते हैं. धर्मराज के निमित्त दान करते हैं जो मृत्यु के बाद लोगों को स्वर्ग और मोक्ष की प्राप्ति होती है. उस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए तिल का दान करते हैं. लोगो को गंगा स्नान करना चाहिए और श्रीसत्यनारायण की पूजा करनी चाहिए. यही सब पूर्ण बुद्ध पूर्णिमा के दिन होता है.
मोक्ष प्राप्ति करने के लिए निश्चित ही पूजा-अर्चना करें
पंडित जी आगे कहते हैं कि इस दिन गंगा स्नान और भगवान विष्णु की विशेष रूप से पूजा करनी चाहिए. इस दिन धर्मराज की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है. पंडित जी कहते हैं कि मोक्ष प्राप्ति करने के लिए आप निश्चित ही पूजा-अर्चना करें. इस पूजा से धन की प्राप्ति होगी. सुख समृद्धि बढ़ेगी. शांति और स्वस्थ और प्रसन्न रहेंगे.