बक्सर: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बड़का नुआंव में खुद को गोली मारकर खुदकुशी करने की कोशिश करने वाले शिक्षक की इलाज के दौरान वाराणसी में मौत हो गई है। पिछले पांच दिन से गोली लगने से जख्मी शिक्षक का वाराणसी में इलाज चल रहा था। सिर में फंसी गोली निकालने के दौरान मंगलवार को ही शिक्षक की मौत हो गई। बुधवार को शव बक्सर लाया गया और पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। हालांकि, अभी तक खुदकुशी के पीछे की वजह का पता नहीं चल पाया है।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि 3 मई की शाम खुद को गोली मारने वाले शिक्षक वैभव कुमार की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। आत्महत्या की नीयत से खुद को गोली मारने के बाद से वाराणसी में उनका इलाज चल रहा था। शुरुआत में सिर्फ एक गोली सिर को छूते हुए निकल गई, यह जानकारी थी, लेकिन वाराणसी पहुंचने के बाद पता चला कि शिक्षक ने खुद को दो गोलियां मारी थीं।
खुद को मारी थीं दो गोली, एक सिर में फंस गई
उन्होंने बताया कि एक गोली सिर को छूते हुए निकल गई थी, जबकि दूसरी गोली सिर में ही फंसी थी। पांच दिनों तक चले इलाज के बाद मंगलवार की शाम चिकित्सक शिक्षक के सिर में फंसी गोली निकालने का प्रयास कर रहे थे, तभी उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों के लाख प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बता दें कि बड़का नुआंव गांव निवासी इटाढ़ी प्रखंड के कैथना उच्च विद्यालय में शारीरिक शिक्षक वैभव कुमार ने 3 मई की शाम घर में अवैध पिस्तौल से खुद के सिर में गोली मार ली थी। आनन-फानन घायल शिक्षक को सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया। इधर घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल के अलावा कारतूस का पलेट बरामद किया था। इस मामले में पत्नी के बयान पर प्राथमिकी के अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी एक प्राथमिकी दर्ज की थी।