बिहार: 21 साल की उम्र में मुखिया बनी पायल, मां के सपनों को करना चाहती हैं पूरा

भागलपुर:बिहार में पंचायत चुनाव हो या अन्य चुनाव सभी में महिलाएं बढ़चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और उनकी भागीदारी चुनाव में बढ़ती दिख रही है. इतना ही नहीं महिलाएं पंचायत चुनाव में जीतकर खुद को साबित भी कर रही हैं. वहीं, बिहार में पायल को सबसे कम उम्र की मुखिया के खिताब से नवाजा जा रहा है. पायल सुल्तानगंज प्रखंड के कुमैठा पंचायत से मुखिया बनी हैं. बता दें कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भागलपुर के सुल्तानगंज प्रखंड के कुमैठा पंचायत का मतगणना कार्य सुल्तानगंज प्रखंड कार्यालय में संपन्न हुआ. 2022 में तत्कालीन मुखिया अनीता देवी की हत्या के बाद हुए मुखिया उपचुनाव में उनकी बेटी पायल शर्मा ने मुखिया पद पर कब्जा जमाया.

मुखिया मां की हत्या के बाद सिर्फ 21 साल की उम्र में उतरी चुनाव में, लोगों  ने भर-भरकर दिया वोटबिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया बनी पायल

पायल शर्मा ने महज 21 वर्ष 6 महीने के उम्र में मुखिया पद पर कब्जा जमाया है, जिसे बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया बताया जा रहा है. पायल शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सरोज चौधरी को 193 मतों से पराजित कर मुखिया पद पर कब्जा किया. हम आपको बता दें कि सुल्तानगंज प्रखंड के कुमैठा पंचायत में हुए मुखिया उपचुनाव में कुल 8160 मतदाताओं में से कुल 3934 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था, जिसमें पायल शर्मा को 2033 मत और उनके प्रतिद्वंदी सरोज चौधरी को 1840 मत प्राप्त हुए.

मां के सपनों को करेंगी पूरा

पायल शर्मा ने 193 मतों से मुखिया पद पर कब्जा जमाया. बिहार की सबसे कम उम्र की मुखिया बनी पायल शर्मा अपनी जीत पर काफी उत्साहित दिखी और उन्होंने अपने पंचायत का सर्वांगीण विकास करने की बात करते हुए कहा कि जो सपना उनकी मां ने अपने पंचायत के विकास को लेकर देखा था, वह उसे आगे बढ़ाएगी. साथ ही अपने पंचायत को बिहार का सबसे विकसित पंचायत बनाएगी. पायल शर्मा की जीत से उत्साहित उनके समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत करते हुए उन्हें फूल माला से लाद दिया.

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