बिहार : भीषण गर्मी की वजह से शनिवार को ट्रेन में सफर कर रहे दो यात्रियों की तबीयत बिगड़ गयी। जमुई जिले के झाझा स्टेशन पर दोनों यात्रियों को ट्रेन से उतारकर तत्काल अस्प्ताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इनमें से एक बुजुर्ग की मौत हो गयी, जबकि महिला यात्री की जान बच गयी। वहीं गुरुवार को बलिया-सियालदह एक्सप्रेस से सफर कर रही एक महिला की भी तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गयी। इस बीच नवादा में भी लू लगने से दो लोगों की मौत हो गई।
बताया जाता है कि शनिवार शाम में झाझा स्टेशन पर ट्रेन से उतरते ही बलियाडीह गांव निवासी सलीम अंसारी बेसुध हो गये। अस्पताल की एंबुलेंस से स्टेशन से ही ऑक्सीजन का सहारा देते हुए पहले रेफरल अस्पताल लाया गया। फिर बेहतर इलाज के लिए जमुई रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। सलीम के बेटे कलाम व मुखिया पति मो. मोइन के मुताबिक सलीम किसी केस की तारीख को लेकर जमुई गये थे। शनिवार को ही आरा से कोलकाता जा रही उमाकांत सिंह की पत्नी को तेज बुखार हो गया।
ट्रेन में शिकायत करने के बाद झाझा स्टेशन पर उतारकर उन्हें भी रेफरल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में मौजूद डॉ.शंकर कुमार ने उन्हें सन स्ट्रोक की शिकार बताते हुए वातानुकूलित ओपीडी में रखकर जरूरी इलाज किया। साथ ही उनके परिजन भी बर्फ से गर्दन, हाथ, तलबे आदि की लगातार मालिश करते रहे। तब जाकर उन्हें राहत मिली।
वहीं गुरुवार को बलिया-सियालदह एक्सप्रेस से सफर कर रही रेखा शर्मा नामक यात्री की तबीयत काफी बिगड़ने पर झाझा स्टेशन पर उतारा गया। उसे भी तत्काल झाझा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया। रेफर के बाद जमुई सदर अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी भी रास्ते में ही मौत हो गयी। महिला संग रही उसकी जेठानी पार्वती देवी ने बताया था कि वे लोग बलिया से कचरापाड़ा जा रहे थे।
झाझा अस्पताल के चिकित्सक डॉ.शंकर के अनुसार तीनों मरीज गर्मी के ही शिकार थे। एक महिला सन स्ट्रोक की शिकार थी। वहीं एमओआईसी डॉ.अरूण कुमार ने कहा कि गुरुवार को जमुई रेफर होने के क्रम में दम तोड़ने वाली बलिया की रेखा शर्मा नामक महिला को हाई फीवर के अलावा सांस लेने में दिक्कत की भी शिकायत थी।
