गया के विष्णुपद मंदिर में धूप से चलती है घड़ी, 164 साल से बता रही सही समय

गया: जब दुनिया में आधुनिक घड़ियों का आविष्कार नहीं हुआ था, तब लोग समय देखने के लिए धूप घड़ियों का प्रयोग किया करते थे. इन घड़ियों का सबसे अधिक प्रयोग मिस्र की सभ्यताओं में किया जाता था. समय बीतने के साथ घड़ियों का रूप भी बदलता गया. नई-नई तकनीक से वैज्ञानिकों के द्वारा घड़ी बनाई जाने लगी. लेकिन इस आधुनिक युग में भी पूर्व में बनी धूप घड़ियों का महत्व कम नहीं हो सका है. बिहार के गया के विष्णुपद मंदिर परिसर में लगभग 164 वर्ष पहले स्थापित की गई धूप घड़ी आज भी सही समय बताने के साथ-साथ लोगों को आकर्षित कर रही है.

Bihar: 160-year-old Clock In Vishnupad Temple Still Tells The Right Time,  Importance Has Not Reduced Ann | विष्णुपद मंदिर में लगी 160 साल पुरानी घड़ी  आज भी बताती है सही समय, कमबताया जाता है कि विष्णुपद मंदिर परिसर में इस धूप घड़ी (सूर्य घड़ी) को 164 वर्ष पूर्व पंडित छोटेलाल भइया के द्वारा स्थापित किया गया था. तब से यह घड़ी लोगों को सही समय बताती आ रही है. उन दिनों भगवान विष्णु को धूप घड़ी से समय देख कर भोग लगाया जाता था. यह अद्भुत धूप घड़ी बिना बैटरी व कांटे के ही समय बताने का काम कर रही है. बता दें कि, धूप घड़ी देखने का तरीका होता है. जैसे-जैसे आसमान में सूर्य पूर्व से पश्चिम दिशा की तरफ जाता है, उसी तरह किसी वस्तु की छाया पश्चिम से पूर्व की तरह चलती है. सूर्य लाइनों वाली सतह पर छाया डालती है जिससे समय और दिन के घंटे का पता चलता है. जमीन से तीन फीट की ऊंचाई पर गोलाकार आकार में एक पाया स्थापित कर, पाया के ऊपरी हिस्सा पर मेटल का एक लगा है. इस पर नबंर अंकित है जो सूरज की रोशनी के अनुसार समय बताती है.
अभी भी सटीक समय बताती है यह धूप घड़ी

पिछले साल पितृपक्ष मेला के दौरान धूप घड़ी का मेटल टूट कर गिर गया था जिस कारण इसने काम करना बंद कर दिया था, लेकिन विशेषज्ञ कार्यक्रम की मदद से पिछले महीने इसको ठीक कर लिया गया था. गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में 164 साल पुरानी धूप घड़ी फिर से चलने लगी है. वो अब भी सटीक समय बताती है. श्रद्धालु इस घड़ी के प्रति भी अपनी पूरी आस्था रखते हैं. श्रद्धालु न सिर्फ इसमें समय देखते थे, बल्कि कई लोग इसकी पूजा कर फूल-मालाएं चढ़ाते थे, लेकिन अब इसे शीशा में पूरी तरह से पैक कर दिया गया है.

सूर्यास्त के बाद काम करना होता है बंद

विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिनी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल बिट्ठल ने बताया कि यहां लगी सूर्य घड़ी काफी पुरानी है. यह पंडित छोटेलाल भइया के द्वारा स्थापित किया गया था. उन दिनों घड़ी का आविष्कार नहीं हुआ था, तब यहां सूर्य घड़ी स्थापित किया गया था. यह घड़ी बहुत प्राचीन हो चुकी है, मगर अभी भी यह सटीक समय बताती है. इस घड़ी पर जब धूप पड़ता है, तब यह समय बताता है. सूर्यास्त के बाद यह काम करना बंद कर देता है.

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