मुजफ्फरपुर: सेक्टर-63 कोतवाली पुलिस ने कागज की गड्डी में ऊपर-नीचे असली नोट रखकर ठगी करने वाले तीन आरोपितों को रविवार को एसजेएम तिराहा चौकी छिजारसी के पास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुजफ्फरपुर के मोहम्मद नसीम, संजय कुमार व सुपौल के सफरोज के रूप में हुई है।आरोपितों के पास से एक कागज की फर्जी गड्डी, जिसके ऊपर व नीचे 500-500 के नकली नोट लगे हैं। एक तमंचा, कारतूस, चाकू, ईको कार, आर्टिफिशियल गले का हार, दो जोड़ी कंगन, दो टॉप्स बरामद हुए हैं। आरोपितों के खिलाफ सेक्टर-63 और सेक्टर-39 कोतवाली में चार मुकदमे दर्ज हैं। पिछले दो वर्ष से 50 से अधिक लोगों के ठगी की है। आरोपित पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।
ऐसे ठगी करते थे तीनों शातिर
कोतवाली प्रभारी अमित कुमार मान का कहना है कि आरोपित एनसीआर के अलग-अलग स्थानों में फैक्ट्रियों और कंपनियों के आसपास खड़े होकर अपना शिकार तलाशते हैं। गिरोह में शामिल दो आरोपित पहले किसी व्यक्ति के पास जाते हैं और कहते हैं कि उन्होंने मालिक के घर से या फैक्ट्री से एक लाख रुपये की असली नोट की गड्डी चोरी की है। इसे लेकर बिहार-झारखंड स्थित घर जाने पर खतरा है।
इसके बाद संबंधित व्यक्ति से कहते हैं कि अगर वह उसे 10 से 30 हजार रुपये भी दे दे और पूरे एक लाख रुपये की गड्डी ले ले। नोट की गड्डी का पहला और आखिरी नोट असली होता था, जबकि बाकी बीच में नोट के आकार के कागज रहते थे। आरोपित अपने शिकार से कहते थे कि वह नोट चोरी करते हुए सीसीटीवी में आए होंगे। इसलिए नोट को थोड़ी दूर ले जाकर खोलना। नोट की गड्डी कपड़े में लिपटी रहती थी। गड्डी को आरोपित सिर्फ ऊपर और नीचे से दिखाते थे। फिर पीडि़त से पैसा लेकर कपड़े में लिपटी कागजों की गड्डी थमाकर कार से फरार हो जाते थे, जब वह व्यक्ति उसे खोलता, तब उसे ठगी की जानकारी होती थी।
कई लोगों को बनाया ठगी का शिकार
इसी तरह राह चलती महिलाओं से कहते थे कि उन्होंने सुनार की दुकान से सोना चोरी किया है। पकड़े जाने के डर से कम दाम या गहने के बदले में वह चोरी सोने को बेचना चाहते हैं। सोने की चेन दिखाने के बाद आरोपित महिलाओं से कहते थे कि इसके एवज में अगर वह अंगूठी और टॉप्स दे तो उसे चेन दे दी जाएगी। महिलाएं झांसे में आकर सोने की असली अंगूठी और टॉप्स आरोपियों को दे देती थीं। आरोपित इसके बदले में नकली चेन और कंगन थमाते थे। यह गहने असली प्रतीत होते थे, जब गहने का रंग फीका होने लगता तब महिलाओं को ठगी की अहसास होता था। आरोपित मौज-मस्ती के लिए आए दिन लोगों के साथ धोखाधड़ी कर ठगी करते हैं।

