पटना : महाराष्ट्र में सियासी उलटफेर के बीच बिहार में लालू परिवार की मुश्किलें बढ़ गई है। सोमवार को नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में सीबीआइ ने दूसरा आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को पहली बार आरोपित बनाया गया है। महागठबधंन की सरकार इसे भाजपा की साजिश बता रही है। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि हमें पहले से पता था कि ऐसा होगा। अगस्त 2022 में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही साजिश हो रही थी। पांच दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी महाराष्ट्र के एनसीपी नेताओं पर 70 हजार करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे। दो दिन पहले वही लोग शिंदे कैबिनेट में शामिल हो गए।
डराने-धमकाने से भाजपा को फायदा नहीं
समाचार एजेंसी एएनआइ से बात करते हुए ललन सिंह ने कहा कि भाजपा अपनी वॉशिंग मशीन में भ्रष्टाचारियों को धुलवा रही है। बिहार में तेजस्वी यादव महागठबंधन के साथ हैं तो उनपर घोटाला मामले में चार्जशीट दाखिल की जा रही है, जिसकी दो बार सीबीआई जांच हुई और उसे खारिज कर दिया गया। जदयू नेता ने कहा कि सब जानते हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार क्या कर रही है। जनता सब देख रही है। तेजस्वी को भी पहले से पता था कि ऐसा होगा। उनके डराने-धमकाने से कुछ होने वाला नहीं है।
भाजपा बोली- कीमत तो चुकानी पड़ेगी
इधर, भाजपा लालू परिवार को लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों से घेरने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह रिवर्स रॉबिन हुड है। रॉबिन हुड अमीरों को लूटकर गरीबों की मदद करता था, लेकिन रिवर्स रॉबिन हुड में भ्रष्टाचार का प्रथम परिवार गरीबों से चोरी करता है, उनकी जमीन छीनकर अपनी जेब भरता है। भाजपा ने कहा कि जिसने भी जनता का धन लूटा है, चारा घोटाला किया है, नौकरी के एवज में औने-पौने दाम पर गरीबों से जमीन हड़पी है, उसे तो कीमत चुकानी पड़ेगी।


