मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर में बुधवार को जन अधिकार पार्टी लोकतांत्रिक के द्वारा शिक्षक नियुक्ति में डोमिसाइल नीति को निरस्त करने के खिलाफ, शहर में हो रहे आपराधिक घटनाओं के खिलाफ एवं वन विभाग के द्वारा करोड़ों रुपए के राजस्व के नुकसान, सीसीटीवी बंद कर लगातार विभाग में लकड़ियों को अवैध तरीके से बेचने का कार्य की उच्चस्तरीय जांच के समर्थन में एक दिवसीय महा धरने का आयोजन सुनिश्चित किया गया।

धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष वेद प्रकाश ने कहा वर्तमान सरकार के द्वारा राजनीति से प्रेरित होकर डोमिसाइल पॉलिसी को रद्द किया गया है। जन अधिकार पार्टी यह मांग करती है। हर कीमत पर बिहार के छात्र छात्राओं को शिक्षक नियुक्ति में 90% कोटा सुनिश्चित की जाए। दूसरी तरफ मुजफ्फरपुर जिले में लगातार हत्या और अपराध का ग्राफ में बेतहाशा वृद्धि हुई है, परंतु पीड़ितों को न्याय दिलाने में जिला प्रशासन पूरी तरह असक्षम साबित हुई है।अपराधियों को संरक्षण देते हैं और अपराध कराने के बाद उनसे मोटी रकम की उगाही करते हैं। न्याय की जगह मामले में खानापूर्ति की जा रही है।
तिरहुत वन प्रमंडल के कार्यालय से सीसीटीवी कैमरा बंद कर लगातार तीन की लकड़ियों को बेचने और गबन करने का कार्य निरंतर जारी है साथ में गौशाला से लेकर लेप्रोसी मिशन तक सेंट्रो वर्ष पुराने वृक्षों को एवं विभिन्न आरा मिलों से जप्त कीमती लकड़ियों को सरकारी राजस्व की क्षति करते हुए पदाधिकारियों के द्वारा इसे बेच दिया गया। लगातार जांच हेतु लिखित मांग की जा रही है, परंतु अधिकारी एक-दूसरे को बचाने हेतु जांच के नाम पर खानापूर्ति और मामले की लीपापोती कर रहे है। इस महा धरने में सभी प्रकरणों पर अभिलंब कठोर कार्रवाई की मांग की गई हैं।

धरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रांतीय सवर्ण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकेश कुमार, प्रदेश महासचिव रानू शंकर, रजनीश कुमार, नगर अध्यक्ष प्रभात रंजन झा, मो चांद,चितरंजन कुमार,आशा देवी,सत्यनारायण यादव,अधिवक्ता मनोज कुमार,राजीव ओझा,रवि गुप्ता,मुकेश राय,जहांगीर खान,बिट्टू ठाकुर,फुलदेव प्रसाद,जगदीश शाह, जटहू राय,राघवेंद्र पाण्डे,विजय पाण्डे,रूपेश कुमार,अशोक राय,चंद्रभूषण कुमार समेत सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने धरना स्थल पर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज को बुलंद किया एवं न्याय की मांग की।








