बिहार में 6 लाख से अधिक बच्चों का भोजन डकार गए हेडमास्टर

मुजफ्फरपुर: सरकारी स्कूलों के छह लाख से अधिक बच्चों का भोजन हेडमास्टर डकार गए है। मुजफ्फरपुर समेत सूबे में मध्याह्न भोजन में 10 करोड़ से अधिक राशि की अनियमितता पकड़ में आयी है। सबसे अधिक खगड़िया में 82 लाख के अलावा समस्तीपुर में 71 लाख व मुजफ्फरपुर में 48 लाख का फर्जीवाड़ा किया गया है।यूपी में किस हाल में है मिड डे मील योजना? - BBC News हिंदीअलग-अलग निरीक्षण में पकड़े गए इस मामले में अब तक पौने 5 करोड़ रुपये की वसूली नहीं हुई है। ऐसे में मध्याह्न भोजन योजना निदेशक मिथिलेश मिश्र ने जिलों से इस पर जवाब मांगा है। समस्तीपुर जिले में बच्चों का फर्जी हस्ताक्षर कर अनियमितता की गई है। निदेशक ने इस पर सख्ती करते हुए एक सप्ताह में वसूली का आदेश दिया है।

जांच में जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 100-150 तक ही मिली, वहां पिछले एक सप्ताह में 500 से 700 की हाजिरी बनी थी। विभाग ने यह माना कि बाकी दिन इतने बच्चे और जांच के दिन इतनी कम उपस्थिति नहीं हो सकती है। जितने बच्चों का अंतर आया, उसकी गणना कर हेडमास्टर से वसूली का आदेश दिया गया है। डीईओ अजय कुमार सिंह ने कहा कि उपस्थिति में दो से चार दिन में 10-20 फीसदी तक अंतर हो सकता। लेकिन, कई स्कूलों में 60-80 फीसदी से अधिक का अंतर है।

विभिन्न जिलों में इस तरह हुआ फर्जीवाड़ा
तिरहुत प्रमंडल के मुजफ्फरपुर में 48 लाख, पूर्वी चम्पारण में 15 लाख, सीतामढ़ी में 45,47,430 , शिवहर में 64,304, वैशाली में 16,97,518 रुपये की अनियमितता हुई है। पटना प्रमंडल में पटना में 4,51,180, नालंदा में 26,12,061, भोजपुर में 32,93,100, रोहतास में 8,57,986, कैमूर में 39,37,060 की अनियमितता हुई। दरभंगा प्रमंडल में दरभंगा जिले में 5,64,253, मधुबनी में 35,79,188, समस्तीपुर में 71,39,814 की अनियमितता हुई। राशि की वसूली में सबसे पीछे सीतामढ़ी, सहरसा, मधेपुरा जिले हैं। यहां अब भी 37 लाख से अधिक की राशि की वसूली होनी बाकी है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading