मुजफ्फरपुर : बाबा गरीबनाथ मंदिर में उमड़ी कांवरियों की भीड़, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

भगवान शंकर का प्रिय महीना सावन चल रहा है हर तरफ श्रद्धालु कांवर के साथ नजर आ रहे हैं. पुराणों के मुताबिक, यह महीना शुभ माना जाता है. इस पवित्र महीने में तीसरी सोमवारी को उत्तर बिहार का बाबा धाम कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए कांवरियों का सैलाब उमड़ पड़ा. पहलेजा घाट से आये कांवरिये हरिसभा चौक से जल लेकर पानी टंकी, जिला स्कूल, छोटी कल्याणी, प्रभात सिनेमा रोड होते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर तक भोले बाबा का नाम जपते हुए आगे बढ़ रहे थे. इसके साथ ही 80 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा का जयकारा लगाते हुए भक्ति भाव से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की. बाबा से सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की और अर्घा के माध्यम से शिवलिंग पर बेलपत्र, गंगाजल, फल-फूल, भांग-धतूरा आदि चढ़ाया गया. इसके साथ ही पूरा क्षेत्र और मंदिर परिसर हर-हर महादेव व बोल बम के जयकारे से गूंज उठा.मुजफ्फरपुर के गरीबनाथ मंदिर में पहली बार इतनी भीड़, करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक | For the first time in Muzaffarpur's Garibnath temple, such a crowd, about one ...इसके साथ ही मंदिर के प्रधान पुजारी विनय पाठक ने बताया कि, ”अधिकमास के सावन में यह मेरे जीवन का पहला सोमवार है, जिसमें इतनी संख्या में कांवरिये आये हैं, आज तक ऐसा नहीं हुआ था. श्रद्धालुओं और कांवरियों में भ्रम खत्म हो रहा है. अधिकमास में भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को जल मिल रहा है, यह हम सनातनियों और हिंदू धर्म के लिए बड़ी उपलब्धि है.” साथ ही एसडीओ पूर्वी ने बताया कि, ”वह फकुली से लेकर मंदिर तक लगातार दौरा कर रहे हैं, कहीं कोई समस्या नहीं है, सभी जगह कानून व्यवस्था ठीक है, कांवरिये आराम से जलार्पण कर रहे हैं.”

jharkhand shravani mela 2023 live deoghar kanwar yatra baba baidyanth dham sawan somwari jbj | Shravani Mela 2023: श्रीराम ने की थी कांवर यात्रा की शुरुआत, तभी से बनी यह परंपराआपको बता दें कि बाबा गरीबनाथ मंदिर से 100 मीटर पहले माखन साह चौक से कांवरियों को नियंत्रित और कतारबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है. साथ ही यहां डाक बम लेकर आने वाले कांवरियों को हरिसभा चौक से सीधे साहू रोड होते हुए मंदिर मार्ग में प्रवेश कराया जा रहा है. इस बात का खास ख्याल रखा जा रहा है कि रास्ते में उन्हें किसी तरह की बाधा का सामना न करना पड़े. आधी रात के बाद जलाभिषेक के लिए कांवरियों की भीड़ बढ़ती गयी.

इस बार 59 दिनों का होगा सावन

इसके साथ ही अधिकमास के कारण इस बार सावन 59 दिनों का होगा. ऐसा संयोग 19 साल बाद आया है. दो माह में आठ सोमवार होंगे. सावन 31 अगस्त तक रहेगा. पहला सोमवार 10 जुलाई को और अंतिम सोमवार 28 अगस्त को होगा. इस साल रक्षाबंधन 31 अगस्त को पड़ेगा. स महीने में शिवलिंग का जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है. सावन में रुद्राभिषेक, रामार्चा पूजन, रामचरित मानस पाठ, रामधुन कीर्तन और हवन यज्ञ से सुख-समृद्धि आती है. धिकमास के कारण इस बार चातुर्मास चार महीने की बजाय पांच महीने का होगा.

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