बिहार सरकार ने राज्य महिला आयोग का पुनर्गठन किया है। उजियारपुर की पूर्व सांसद सह जदयू जिलाध्यक्ष अश्वमेध देवी को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया है। इससे संबंधित अधिसूचना सोमवार को सरकार की ओर से जारी की गई है। जानकारी के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की उपसचिव कुमारी सीमा ने सोमवार को इससे संबंधित अधिसूचना जारी की। अधिसूचना में समस्तीपुर शहर के मथुरापुरघाट निवासी अश्वमेध देवी को अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया गया है।

तीन साल के लिए अध्यक्ष पद पर हुई नियुक्ति
यह नियुक्ति अधिकतम तीन साल के लिए की गई है। इसके अलावा जहानाबाद की प्रभावती मांझी, सिवान की डॉ. सुजाता सुम्ब्रई, भागलपुर की रबिया खातून, गोपालगंज की सुनीता कुशवाहा, पटना की श्वेता विश्वास, पूर्णियां की सुलोचना देवी एवं सहरसा की प्रो. गीता यादव को गैर सरकारी सदस्य के रूप में नामित किया है।
समस्तीपुर की पूर्व विधायक रह चुकी हैं महिला आयोग की अध्यक्ष
बता दें कि समस्तीपुर को दूसरी बार राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष पद मिला है। इससे पहले पूर्व विधायक मंजू प्रकाश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रह चुकी हैं। जबकि सदस्य के रूप में नीलम सहनी एवं मंजू कुमारी पहले रही हैं। बता दें कि अश्वमेध देवी कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रह चुकी हैं। वह समता पार्टी के समय से ही पार्टी से जुड़ी हुई हैं। उजियारपुर लाेकसभा क्षेत्र बनने के बाद पहली बार वह सांसद बनीं। इसके बाद कई लोकसभा एवं विधानसभा का चुनाव लड़ीं, लेकिन हार गई। पार्टी के प्रति वफादारी एवं उनकी सक्रियता को देखते हुए ही उन्हें यह इनाम मिला है।

अब पार्टी को खोजना होगा नया जिलाध्यक्ष
अश्वमेध देवी के राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनने के बाद अब जदयू को नया जिलाध्यक्ष खाेजना होगा। पिछले दो टर्म से अश्वमेध देवी जदयू की जिलाध्यक्ष हैं। ऐसे में पार्टी में अध्यक्ष पद को लेकर भी कयास लगाए जाने लगे हैं।