बिहार के लाल का कमाल! टीचर और एयरफोर्स की नौकरी छोड़ी अब मिली इंस्पायर फेलोशिप

बिहार के भोजपुर का युवा एक बार फिर से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रौशन किया है. भोजपुर में पहली बार किसी छात्र को इंस्पायर फेलोशिप मिला है. इससे पहले कई छात्रों को इंस्पायर स्कॉलरशिप  मिल चुका है. लेकिन आरा के ब्लॉक रोड के रहने वाले सुमांश कुमार एक ऐसे छात्र हैं जिन्हें इंस्पायर फेलोशिप मिला है. सुमांश वीर कुंवर सिंह विश्विद्यालय के रसायन शास्त्र के छात्र रह चुके हैं. चयन होते ही बधाई देने वालों का तांता लग गया है.

बिहार के लाल का कमाल! टीचर और एयरफोर्स की नौकरी छोड़ी अब मिली इंस्पायर फेलोशिप, हर साल मिलेंगे 4 लाख रुपये - Inspire Fellowship bihar shumansh included in 1000 students ...सुमांश का चयन भारत सरकार विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से किया गया है. सुमांश के चयनित होने पर घर-परिवार में खुशी का माहौल है. इंस्पायर फेलोशिप योजना के तहत विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से सोमांश को हर साल चार लाख 80 हजार रुपये फेलोशिप के तौर पर दिये जायेंगे. यह फेलोशिप भारत सरकार नेट, जेआरएफ व एसआरएफ के छात्रों को प्रदान करती है. अब इसका लाभ सोमांश को भी मिलेगा.

घर में पढ़ाई का माहौल
सुमांश मूल रूप से गड़हनी प्रखंड के करनौल चांदी का रहने वाला है. सोमांश ने बताया कि स्नातक और स्नातकोत्तर में भी इंस्पायर स्कॉलरशिप मिला था. सुमांश का परिवार भी शिक्षा के क्षेत्र में पहले से बना हुआ है. पिता डॉ. रविन्द्र शाहबादी भीम राव आंबेडकर यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है. उनकी मां डॉ. चिंता सिंह भी शिक्षिका हैं.

इंटर से अबतक मिल रहा है फेलोशिप
आगे सुमांश ने बताया कि यहां तक पहुंचने में सबसे ज्यादा हाथ पिता और कुछ प्रोफेसर का रहा है. पहली बार मैट्रिक में बिहार टॉप किया और पूरे बिहार में 9वी रैंक हासिल किए. उस समय राज्य सरकार शॉर्टलिस्ट कर केंद्र को भेजा था. तब इंटरमीडिएट करने के लिए स्कॉलरशिप मिला. पर रसायन शास्त्र से स्नातक किये. उसमे भी D मार्क्स आया. उसके बाद पीजी करने के लिए स्कॉलरशिप मिला. अब पीजी में गोल्डमेडलिस्ट होने के बाद इंस्पायर स्कॉलरशिप के लिए 15 हजार छात्रों में चयन हुआ और उसमें से एक हजार वैसे छात्रों का चयन हुआ जो पीजी में गोल्डमेडलिस्ट हैं.

मेल के माध्यम से मिली जानकारी
सुमांश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मेल के माध्यम से हमको लेटर प्राप्त हुआ है. डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के माध्यम से PHD करने के लिए हर माह 40 हजार रुपया दिया जायगा. साथ ही नेट जिआरएफ की जो सुविधा मिलती वो भी हमको दिया जायेगा. शिक्षक की नौकरी और एयरफोर्स की नौकरी हम पहले छोड़ चुके है. कारण उच्च शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने का ही सपना था.अब दिल्ली यूनिवर्सिटी से प्रयास में है की PHD करने का मौका मिल जाय.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from Muzaffarpur News

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading