बिहार: महिला आयोग की अध्यक्ष अश्वमेध देवी ने शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया। उनके साथ महिला आयोग की सभी 5 सदस्यों ने भी पदभार ग्रहण किया। आयोग की अधिकारियों ने अश्वमेध देवी को बुके देकर सम्मानित किया। वहीं पदभार ग्रहण करने के बाद महिला आयोग की अध्यक्ष अश्वमेधी देवी ने कहा कि नीतीश सरकार में महिलाओं का विकास हुआ है। बेटियों के हित में कई विकासात्मक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के बाद मेरा पहला काम महिलाओं पर होने वाले अत्याचार को रोकना है। महिला आयोग की सदस्य पूरे बिहार का दौरा करेंगी। महिलाओं की समस्या को जानने और उसके समाधान पर फोकस किया जाएगा।
पिछले 3 साल से आयोग भंग, 8 हजार केस पेंडिंग
अध्यक्ष अश्वमेध देवी ने कहा कि पिछले तीन साल से महिला आयोग भंग था। इस कारण आठ हजार से केस महिला आयोग में लंबित हैं। इन सभी मामलों का अतिशीघ्र निष्पादन करना प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ऊपर अत्याचार कम हो इसके लिए लोगों को जागरूक करेंगी। महिलाओं के हक और उनके सम्मान के लिए कार्य करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्किंग डे में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक राज्य महिला आयोग के कार्यालय में कार्य किया जाएगा। किसी भी शिकायतकर्ता को कोई परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।
उजियारपुर की पूर्व सांसद रह चुकी हैं अश्वमेध देवी
बता दें कि दो दिन पहले ही नीतीश सरकार द्वारा बिहार राज्य महिला आयोग का फिर से गठन किया गया है। बिहार सरकार ने उजियारपुर की पूर्व सांसद सह जदयू जिलाध्यक्ष अश्वमेध देवी को महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया। सोमवार को बिहार सरकार की ओर से इसके लिए अधिसूचना भी जारी की गई थी। यह नियुक्ति अधिकतम तीन साल के लिए की गई है। वहीं पटना की श्वेता विश्वास, पूर्णियां की सुलोचना देवी, सहरसा की प्रो. गीता यादव, जहानाबाद की प्रभावती मांझी, सीवान की डॉ. सुजाता सुम्ब्रई, भागलपुर की रबिया खातून, गोपालगंज की सुनीता कुशवाहा को गैर सरकारी सदस्य बनाया गया है।