पांच कंधों पर ढाई लाख की आबादी का बोझ, मरीज व्यवस्था से हो रहे परेशान

मुंगेर : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहले मरीजों को पूछकर चिकित्सक दवा की पर्ची लिख देते थे, लेकिन अब व्यवस्था में सुधार देखने को मिला है। दैनिक जागरण की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। टीम यहां की व्यवस्थाओं से रूबरू हुई। ओपीडी में मरीजों का उपचार कर रहे चिकित्सक डॉ. प्रदीप कुमार एक बच्चे का आला लगाकर उपचार करते दिखे। पूछने पर बताया कि बच्चा तीन दिन से सर्दी से पीड़ित है। उन्होंने पर्ची पर दवा लिखकर उपचार कराने आए बच्चे की मां से काउंटर पर दवा लेकर समय पर इसका सेवन करने को कहा।

डॉक्टर हैं 'भगवान' का रूप, अगर की बदतमीजी या हिंसा तो नहीं मिलेगा 'इलाज'! -  Central Govt NMC Releases Draft Rules For Violence against doctors ntc -  AajTakपांच कंधों पर ढाई लाख की आबादी का बोझ

व्यवस्था तो सुधर गई, लेकिन फिर भी सुधार नहीं हुआ। दरअसल, प्रखंड क्षेत्र की आबादी लगभग ढाई लाख है। ढाई लाख आबादी के इलाज की जिम्मेदारी पांच चिकित्सकों पर है यानी 50 हजार आबादी पर एक चिकित्सक है। ऐसे में, अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की दशा क्या है। लगभग छह वर्ष पूर्व प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा प्राप्त हुआ तो क्षेत्र के लोगों को लगा कि अब यहां बेहतर सुविधा मिलेगी। इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। बावजूद स्थापना से लेकर आज तक स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार सही नहीं हो सकी है।

स्वास्थ्यकर्मियों की है कमी

अस्पताल में 13 चिकित्सकों का पद सृजित है, लेकिन सिर्फ पांच चिकित्सक हैं। इन चिकित्सकों पर ढाई लाख आबादी के इलाज की जिम्मेदारी है। दो दशक पूर्व में इन स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ से लेकर हड्डी रोग विशेषज्ञों तक की तैनाती थी, फिलहाल यहां बाल रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ और सर्जन डॉक्टर नहीं है।चिकित्सक और अन्य स्टाफ की कमी है। बढ़ी आबादी के अनुसार चिकित्सकों की संख्या काफी कम है। मौखिक और पत्राचार के माध्यम से विभाग को अवगत कराया गया है। -डॉ. अखिलेश कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हवेली खड़गपुर में मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तीन शिफ्ट में चिकित्सक की ड्यूटी निर्धारित की गई है। सभी चिकित्सक अपने निर्धारित समय पर ड्यूटी पर मौजूद रहकर मरीजों का उपचार करते हैं।

दवा की नहीं है कमी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवा की कमी नहीं है। यहां सभी प्रकार की दवा उपलब्ध हैं। उपचार कराने आए मरीजों का चिकित्सक उपचार कर दवा की पर्ची लिख देते हैं। उन्हें काउंटर पर दवा मिल जाती है। इससे खासकर गरीब तबके के मरीजों को लाभ मिलता है। केंद्र पर एक्स-रे की सुविधा मरीजों को सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को मिलती है। इसके अलावा अन्य दिनों में जरूरत पड़ने पर मरीजों को एक दिन का इंतजार करना पड़ता है या फिर किसी प्राइवेट एक्स-रे का सहारा लेना पड़ता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नए भवन में पैथोलाजी कक्ष बनाया गया है। यहां सभी प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है।

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