जीमेल खातों के इन-एक्टिव होने का खतरा; क्रोम के बाद google के इस अलर्ट पर बिहार सरकार सक्रिय

बिहार : केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाली द कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT) ने गूगल के क्रोम वेब ब्राउजर को लेकर गंभीर चेतावनी जारी करते हुए यूजर्स को इसे अपडेट कराने की सलाह दी। इसके कुछ ही घंटे बाद गूगल ने अपने ईमेल, यानी जीमेल के यूजर्स को अलर्ट मैसेज कर दिया। गुरुवार शाम को केंद्र के मैसेज और शुक्रवार सुबह जीमेल के मैसेज से आम यूजर्स के बीच सनसनी फैल गई है। जिन लोगों ने अपने ईमेल को एक्सेस नहीं किया है, उन्हें इस परेशानी का अंदाजा नहीं। लेकिन, बिहार सरकार की आईटी टीम अलग-अलग स्तर इन दोनों मैसेज के अलर्ट पर काम करने लग गई है, क्योंकि ऐसा नहीं होने से स्थायी तौर पर जीमेल खाते इन-एक्टिव हो जाएंगे। रिकवर नहीं हो सकेंगे।

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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से जारी अलर्ट के अनुसार गूगल क्रोम ब्राउजर के वेब पेमेंट्स, एपीआई, वीडियो और वेबआरटीसी में गड़बड़ी पायी गई है, जिससे डेटा हैकिंग, फिशिंग और मालवेयर अटैक की आशंका बढ़ गई है। पिछले दिनों बिहार के सीएम नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में भारत सरकार की कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय वेबसाइट क्लोन की खबर सामने के बाद से बिहार सरकार की आईटी टीम अलग-अलग स्तर पर ऐसी आशंकाओं को लेकर एक्टिव है। बिहार में पहले भी ऐसे मामले हो चुके हैं, इसलिए केंद्र के क्रोम ब्राउजर को लेकर आए अपडेट अलर्ट को देखते हुए अलग-अलग स्तर पर आईटी की टीम ऐसी आशंकाओं से बचने में लग गयी है।

जीमेल के मैसेज को लेकर सनसनी क्यों
बिहार सरकार में आईटी से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि जीमेल के यूजर्स को आया अलर्ट कई मामलों में नए तरह का है, इसलिए हर यूजर को एक बार अपनी याद्दाश्त पर जोर देकर सबकुछ अपडेट कर लेना होगा। बिहार सरकार के विभागों में nic.in और gov.in के एक्सटेंशन वाले ईमेल आईडी भी दिए गए हैं, लेकिन भारी संख्या में अफसरों के पदनाम से जुड़े ईमले खाते gmail.com पर हैं। इसके अलावा, गूगल ट्रांसलेट की सुविधा का भी बिहार सरकार में ठीकठाक इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में बिहार सरकार की आईटी टीम के अलावा विभाग के स्तर पर भी जीमेल की नई पॉलिसी को लेकर जानकारी दी जाने लगी है। जीमेल ने इस्तेमाल नहीं हो रही ईमेल आईडी को इन-एक्टिव करने की घोषणा ईमेल के जरिए ही यूजर्स तक पहुंचाई है।

क्या मैसेज है, आम यूजर्स पर क्या प्रभाव
शुरुआत में जीमेल खाता किसी एक्टिव यूजर के रेफरेंस से क्रिएट होता था, लेकिन वर्षों से यह अब लोग आसानी से खोल ले रहे हैं। बहुत सारे खाते ट्रायल में क्रिएट कर छोड़ दिए गए और बहुत सारे वर्षों से इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। बिहार सरकार के अफसरों की ईमेल आईडी हो या आम यूजर्स की, एक-एक उपयोगकर्ता की कई जीमेल आईडी बेकार पड़ी है। देश-दुनिया, हर जगह यही स्थिति है। ऐसे में गूगल ने अपने सारे जीमेल यूजर्स को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनके जीमेल खाते दो साल से एक्टिव नहीं हैं तो तत्काल एक्टिव कर लें। जो एक्टिव नहीं रहेंगे, वह 1 दिसंबर से डिलीट हो जाएंगे। मतलब, वह जीमेल एड्रेस बेकार हो जाएगा।

गूगल के संदेश का सार पढ़ें और पढ़ाएं भी
गूगल ने लिखा है- “हम अपने सभी उत्पादों और सेवाओं के लिए Google खाते की निष्क्रियता अवधि को दो साल तक अपडेट कर रहे हैं। यह परिवर्तन आज से शुरू हो रहा है और किसी भी ऐसे Google खाते पर लागू होगा जो निष्क्रिय है। इसका अर्थ है कि दो साल की अवधि के भीतर साइन-इन या उपयोग नहीं किया गया है। ऐसे निष्क्रिय खाते और उसमें मौजूद कोई भी सामग्री 1 दिसंबर, 2023 से हटाने के योग्य होगी। खाता निष्क्रिय करने या किसी भी खाते की सामग्री को हटाने से पहले यूजर को अलर्ट भेजा जाएगा। Google खाता हटा दिए जाने के बाद, नया Google खाते के लिए उसी जीमेल पते का दोबारा उपयोग नहीं किया जा सकेगा।”

अपना खाता कैसे सक्रिय रखें?
Google खाते को सक्रिय रखने का सबसे आसान तरीका दो साल में कम-से-कम एक बार खाते में साइन-इन करना है। यदि आपने पिछले दो वर्षों के दरम्यान अपने Google खाते में साइन-इन किया है, तो आपका खाता सक्रिय माना जाएगा और उसे हटाया नहीं जाएगा। अगर आप ईमेल पढ़ रहे या या भेज रहे तो यह एक्टिव माना जाएगा। अलग से साइन-इन करने की जरूरत नहीं होगी। इसी तरह अगर आप अपने ईमेल पते के जरिए गूगल ड्राइव का उपयोग कर रहे, या यूट्यूब वीडियो देख रहे या फोटो शेयर कर रहे या एप ऐप डाउनलोड कर रहे तो भी यह एक्टिव ही माना जाएगा। यहां तक कि अगर गूगल लॉगिन के साथ सिर्फ सर्च के लिए Google का इस्तेमाल कर रहे या तृतीय-पक्ष ऐप या सेवा में साइन-इन करने के लिए Google से लॉगिन कर रहे तो यह एक्टिव रहेगा।

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