पटना : राजधानी स्थित महावीर मन्दिर और उज्जैन के महर्षि सन्दीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के संयुक्त तात्वावधान में 17 से 19 अगस्त तक पटना के महाराणा प्रताप भवन में विशाल वैदिक सम्मेलन होने जा रहा है. बिहार की राजधानी पटना में पहली बार यह विशाल वैदिक सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, बंगाल और मणिपुर के लगभग 100 वैदिक गुरुओं के मुख से समवेत स्वर में वेद की सभी शाखाओं का सस्वर पाठ प्रतिदिन होगा. साथ ही, वेद के विशिष्ट विद्वान अपना व्याख्यान देंगे.

चारों वेदों का सस्वर पाठ
बिहार सहित छह राज्यों से आने वाले सभी अध्यापक वेद की विभिन्न शाखाओं से चयनित अंश का सस्वर पाठ करेंगे. प्रत्येक दिन यह वेद पाठ दो सत्रों में होगा. प्रातः काल 6:30 से 7:30 तक तीनों दिन पाठ होगा. प्रथम दिन दूसरा सत्र दोपहर 2:00 से 3:30, दूसरे दिन 10:00 से 11:00 और तीसरे दिन 10:00 से 12:30 तक होगा. ऋग्वेद की शाकल शाखा, यजुर्वेद की माध्यन्दिन, काण्व एवं तैत्तिरीय शाखा, सामवेद की कौथुम और राणायनीय शाखा एवं अथर्ववेद की शौनक व पैप्पलाद शाखा से परम्परानुसार वेद के मन्त्रों का पाठ होगा. प्रत्येक दिन दो बार वेद पारायण करने का कार्यक्रम है, जिसमें एक ही समय में अलग-अलग मंचों से अलग-अलग शाखाओं के वैदिक सस्वर पाठ करेंगे. महावीर मंदिर न्यास के सचिव किशोर कुणाल ने कहा कि पटना वासियों के लिए वेद पाठ को अपने पारम्परिक रूप में सुनने का यह अद्भुत अवसर है. इसे सुनने के लिए सभी श्रद्धालुओं का स्वागत है. हॉल में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था की गयी है.
शोभायात्रा से होगी कार्यक्रम की शुरूआत
वैदिक सम्मेलन का शुभारंभ भव्य शोभा यात्रा से होगी. पहले दिन 17 अगस्त को यह शोभायात्रा महावीर मंदिर से शुरू होकर कदमकुआं रोड और नाला रोड होते हुए महाराणा प्रताप भवन तक जाएगी. इसके साथ वेद भगवान की सवारी रहेगी और रास्ते में सस्वर वेदपाठ भी होगा. तीन दिनों के इस विशाल वैदिक सम्मेलन में देश के जाने-माने वैदिक विद्वान सम्बन्धित विषयों पर अपना व्याख्यान देंगे. इनमें डॉ. देवीसहाय पाण्डेय, डॉ. युगल किशोर मिश्र, डॉ.. प्रफुल्ल कुमार मिश्र और डॉ. बैकटरत्नम् सम्मिलित होंगे.