पटना. दो दिनों के दिल्ली दौरे के बाद नीतीश कुमार पटना लौटे. नीतीश कुमार ने अपने दिल्ली दौरे पर बयान देकर गरमाई हुई सियासत को शांत करने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि दिल्ली में अटल बिहारी वाजपेयी जी को श्रद्धांजलि देने गया था. मैं उनको बहुत सम्मान देता हूं और शुरू से उनके साथ रहा था. नीतीश कुमार ने कहा कि हमने ही कहा था कि अटल जी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे और वो सच हुआ. उनसे मेरा बेहद आत्मीय संबंध था जिसे मैं पूरी जिंदगी नहीं भूल सकता हूं.
जब नीतीश कुमार से ये सवाल पूछा गया कि आपके दिल्ली दौरे पर बीजेपी वाले सवाल उठाकर निशाना साध रहे हैं कि आप को ना ही कांग्रेस ने और ना ही केजरीवाल ने मिलने का समय दिया, इस पर मुख्यमंत्री ने स्थिति को साफ किया और कहा कि मेरी केजरीवाल और खड़गे या किसी से कोई मुलाकात की योजना नहीं थी. पता नहीं कहा से ये सब बात चल रही है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है. नीतीश कुमार ने पत्रकारों को फिर से याद दिलाया कि अटल जी के समय और अभी के एनडीए में कितना फर्क है. 1999 में अटल जी ने ही इस गठबंधन का नाम रखा था.
बिहार के सीएम ने कहा कि पहले जब हमलोग साथ थे तो एक साथ सभी पार्टी के साथ मिलकर बैठक करते थे. अटल जी के बाद ये लोग बैठक करना बंद कर दिया और जब हम लोगों ने विपक्षी बैठक की तो वो लोग भी आनन-फानन में बैठक करना शुरू कर दिए हैं. जब हम सभी लोग साथ आ गए तो बीजेपी वाले बेचैन हो गए हैं. प्रशांत किशोर के बयान पर कि नीतीश कुमार की पार्टी को 5 सीट भी नहीं आयेगा इस पर नीतीश कुमार ने कहा कि मैं उनलोगों की बातों का जवाब नही देता हूं, उसका कोई मतलब है क्या. कौन क्या बोलता है इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है.
मुख्यमंत्री ने शरद पवार और अजीत पवार के मुलाकात पर कुछ भी खुल कर नहीं बोला और कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. उनसे बातचीत होते रहती है. हम लोग मुंबई में फिर बैठने वाले हैं. इसके साथ ही नीतीश कुमार ने 2024 चुनाव को देश के हित में बताया और कहा कि इस बार जनता पहले से मूड बना चुकी है.