पटना. बिहार में शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच तकरार अब चरम पर पहुंच गया है. विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की यानी वीसी की नियुक्ति के लिए दोनों ही ओर से विज्ञापन जारी कर कर दिया गया है. पहले राजभवन ने वेबसाइट पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगा गया था और अब शिक्षा विभाग ने भी नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है. जाहिर है राजभवन और बिहार सरकार के बीच विवाद बहुत गहरा गया है.
बिहार शिक्षा विभाग द्वारा केएसडी संस्कृत यूनिवर्सिटी दरभंगा, भीमराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी मुजफ्फरपुर, एलएन मिथिला यूनिवर्सिटी दरभंगा. पटना यूनिवर्सिटी पटना और जयप्रकाश यूनिवर्सिटी छपरा के लिए विज्ञापन जारी किया गया है. विज्ञापन के बाद आवेदकों के बीच असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है. दरअसल, नियमानुसार पहले सर्च कमिटी का गठन होना था और सर्च कमिटी को ही विज्ञापन जारी करने का अधिकार प्राप्त होता. लेकिन, ऐसा नहीं होने पर बिहार विश्विद्यालय अधिनियम 1976 के संशोधित 2013 के प्रावधान का उल्लंघन होता हुआ दिख रहा है.
2013 के अनुच्छेद 10 के तहत सर्च कमिटी की अनुशंसा से कुलाधिपति को नियुक्ति का अधिकार प्राप्त है. पैनल निर्माण कर कुलाधिपति विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति कर सकते हैं. बता दें कि राजभवन ने अगस्त से प्रथम सप्ताह में विज्ञापन निकाला था, जबकि शिक्षा विभाग ने 22 अगस्त को विज्ञापन निकाला है. जाहिर है शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच विवाद बढ़ गया है.